Domestic LPG Allocation Quota Increase: केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए कॉमर्शियल LPG का कोटा बढ़ाकर 70 प्रतिशत करने का फैसला किया है.
केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए कॉमर्शियल LPG का कोटा बढ़ाकर 70 प्रतिशत करने का फैसला किया है.
Domestic LPG Allocation Quota Increase: ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध ने पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत कई देशों में आर्थिक संकट पैदा कर दिया है. कई देशों में गैस के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की दिक्कत भी आ रही है. भारत में कथित तौर पर फैली दहशत और अफवाह ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, जबकि देश में गैस और पेट्रोल-डीजल की कोई किल्लत नहीं है. इस बीच पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल (Secretary in the Ministry of Petroleum Neeraj Mittal) ने शुक्रवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर बताया कि कई राज्यों ने अलग-अलग सेक्टरों को गैर-घरेलू LPG के आवंटन के संबंध में सुधार लागू कर दिए हैं. सचिव ने कहा कि इसके साथ ही कॉमर्शियल/औद्योगिक LPG का आवंटन बढ़कर 70 प्रतिशत (10 प्रतिशत सुधार-आधारित के साथ) हो जाएगा और राज्य में औद्योगिक कार्यों को राहत मिलेगी.
इससे पहले 16 मार्च, 2026 को राज्यों को संकट से पहले के कोटे का 40 प्रतिशत आवंटित किया गया था. PNG को बढ़ावा देने के लिए कुछ सुधारों को हासिल करने के आधार पर 10 प्रतिशत अधिक आवंटित किया गया था. सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि पहले किए गए मौजूदा 50 प्रतिशत आवंटन के अलावा अब 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन का प्रस्ताव है. इससे कुल कॉमर्शियल LPG आवंटन संकट से पहले के पैक्ड गैर-घरेलू LPG के स्तर का 70 प्रतिशत हो जाएगा. सचिव ने सभी राज्यों से यह भी आग्रह किया कि यदि उन्होंने अभी तक ऐसा नहीं किया है, तो वे तुरंत 10 प्रतिशत सुधार-आधारित आवंटन का लाभ उठाएं.
केंद्रीय मंत्री ने हरदीप सिंह पुरी ने भी इस बाबत कहा कि जब बाकी दुनिया ईंधन बचाने के लिए कड़े कदम उठा रही है. इसमें ऑड-ईवन, 4 दिन का वर्क वीक, स्कूल और ऑफिस बंद करना, और ईंधन की कीमतें 20-30 प्रतिशत तक बढ़ाना शामिल है. ऐसे में नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में कॉमर्शियल LPG की सप्लाई को और आसान बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए कॉमर्शियल LPG का कोटा बढ़ाकर 70 प्रतिशत करने का फैसला किया है. इसमें से 20 प्रतिशत कोटा स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और अन्य ज़्यादा मज़दूरों वाली इंडस्ट्रीज़ को दिया जाएगा. हरदीप पुरी ने कहा कि उन इंडस्ट्रीज़ को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां पाइप वाली गैस यानी पीएनजी का कोई विकल्प मौजूद नहीं है.
अतिरिक्त आवंटन उन उद्योगों को दिया जाएगा जिनमें स्टील, ऑटोमोबाइल, कपड़ा, डाई, रसायन और प्लास्टिक को प्राथमिकता दी जाएगी; ये उद्योग श्रम-प्रधान हैं और अन्य ज़रूरी सेक्टरों को सहायता प्रदान करते हैं। इनमें से, उन प्रोसेस उद्योगों या उन उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें विशेष हीटिंग उद्देश्यों के लिए LPG की आवश्यकता होती है, जिसे प्राकृतिक गैस से बदला नहीं जा सकता. 20 प्रतिशत के तहत LPG प्राप्त करने के लिए शर्तें पूरी करनी होंगीं.
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