PM Kisan 23rd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 2000 रुपये की 22 किस्तें जारी की जा चुकी हैं. अब किसान भाई खेती-किसानी के नए खर्चों को पूरा करने के लिए 23 किस्त की राह देख रहे हैं. लेकिन सरकार ने नए नियमों के मुताबिक, सिर्फ उन ही किसानों के खाते में 23वीं किस्त ट्रांसफर की जाएगी जो फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए ई-केवाईसी वेरिफिकेशन कराएंगे. क्या है इसका पूरा प्रोसेस, जानें विस्तार से-
आपको भी नहीं मिले PM किसान के ₹2000? 23वीं किस्त चाहिए तो घर बैठे किसान ऐसे सुधारें हर गलती!
PM Kisan 23rd Installment: देश की किसान भाईयों को आर्थिक तौर पर सशक्त बनाने वाली पीएम किसान समामन निधि योजना के तहत 22वीं किस्त जारी कर दी गई हैं. अग्रिम 23वीं किस्त के लिए सरकार ने कुछ नए नियम जारी किए है. अब यदि किसान भाईयों को समय पर 2000 रुपये चाहिए तो जल्द से जल्द अपनी फेस आईडी को अपडेट करना होगा. अब किसान भाई चाहें तो घर बैठे भी अपना फेस ऑथेंटिकेशन करके ई-केवाईसी वेरिफिकेशन को पूरा कर सकते हैं. हम नीचे इसका प्रोसेस बता रहे हैं-
पीएम किसान योजना के तहत किसानों को दो-दो हजार रुपये की वार्षिक तीन किस्तें दी जाती हैं, ताकि वे खेती-किसानी के छोटे-मोटे खर्चे कर सकें. सरकार द्वारा दी जाने वाली इस सहायता राशि के लिए किसानों को अब तक ओटीपी या फिंगरप्रिंट देकर वेरिफाई करना होता था, लेकिन सरकार के नए नियमों के मुताबिक, अब चेहरा दिखाकर आप अपनी नई किस्त को सुरक्षित कर सकते हैं.
पीएम किसान योजना के लाभार्थी किसान चाहें तो घर बैठे पीएम किसान एप्लीकेशन पर जाकर फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) के जरिए ई-केवाईसी अपडेट कर सकते हैं, पीएम किसान के ऑफिशियल पोर्टल और राज्य कृषि विभाग की ओर से भी फेस ऑथेंटिकेशन अपडेट करने की सुविधा दी गई है. आप चाहें तो ग्राहक सेवा केंद्र यानी सीएसी पर जाकर भी अपनी फेस आईडी को अपडेट कर सकते हैं.
ऐसा करते ही आपकी एक डिजिटल किसान आईडी बन जाएगी जो पीएम किसान योजना जैसी अन्य स्कीम का लाभ लेने में मदद करेगी.
भारत सरकार और राज्य सरकारें किसानों की राहत, खेती की उपज बढ़ाने और खर्च को कम करने के लिए सब्सिडी और लोन स्कीम लाती रहती है, लेकिन सभी किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाता. काफी बार किसानों की ई-केवाईसी नहीं होती तो कभी उनकी जमीन के कागज वेरिफाइड नहीं होते. इन सभी दिक्कतों को दूर करने और किसानों तक कृषि योजनाओं लाभ पहुंचाने के लिए ही डिजिटल किसान आईडी बनाई जा रही है.
हर किसान को अपना डिजिटल किसान आईडी बनाने से पहले जमीन के रिकॉर्ड यानी लैंड सीडिंग और ई-केवाईसी को अपडेट करना होगा.
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