PM Kisan Maandhan Yojana: पीएम किसान मानधन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली 3000 रुपये की पेंशन से गरीब किसानों का बुढ़ापा सिक्योर होता ही है, कुछ मामलों में किसान के परिवार को भी आर्थिक मदद मिलती है. जानिए इस योजना के फायदे और आवेदन करने का तरीकां
PM Kisan Maandhan: बुजुर्ग किसानों को हर महीने पेंशन, 60 की उम्र के बाद खाते में आएंगे ₹3000, बस कर लें ये काम
PM Kisan Maandhan Yojana: अक्सर कहा जाता है कि किसान कभी रिटायर नहीं होते. बूढ़े होने पर श्रम जरूर सीमित हो जाता है, लेकिन खेती-बाड़ी के सालों के तजुर्बे को बेकार नहीं जाने देते. किसानों की इसी मेहनत के सम्मान में साल 2019 में लाई गई पीएम किसान मानधन योजना, जिसे आज किसान पेंशन स्कीम के नाम से भी जानते हैं. ये खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक कम प्रीमियम वाली बीमा योजना है, जिसके तहत साल में बेहद कम प्रीमियम चुकाकर किसान अपना बुढ़ापा सिक्योर कर सकते हैं.
दरअसल, छोटे किसानों के लिए बचत करना काफी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में किसान मानधन योजना को एक भरोसेमंद रिटायरमेंट पेंशन प्लान माना जा रहा है. आईए जानते हैं किसान पेंशन स्कीन के बारे में विस्तार से-
पीएम किसान मानधन योजना के तहत किसानों के लिए पेंशन फंड तैयार किया जाता है, जिसका मैनेजमेंट पूरी तरह भारतीय जीवन बीमा निगम के हाथों में है.
सामान्य पेंशन स्कीम की तरह पीएम मानधन योजना में भी किसानों को उम्र के आधार पर ₹55 से ₹200 प्रति माह की छोटी राशि हर महीने देनी होती है. इस स्कीम की खास बात है कि जितना पैसा किसान देगा, उतना ही पैसा सरकार अपनी तरफ से देगी.
इस तरह कुछ सालों तक पैसा लगाने के बाद जब आप 60 की उम्र को पार करते हैं तो हर महीने 3000 रुपये आपके खाते में आते हैं. इस तरह, सालाना पेंशन की राशि 36000 रुपये हो जाती है, जो किसानों को व्यक्तिगत जरूरतें पूरा करने में मदद करती है.
पीएम किसान मानधन योजना में केवल छोटे और सीमांत किसानों को शामिल किया गया है. यदि आपके पास भी 5 एकड़ या इससे कम जमीन है और आपकी उम्र 18-40 के बीच है तो आप भी नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए या स्वयं maandhan.in पोर्टल से अप्लाई कर सकते हैं.
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना में आवेदन करने के लिए किसान के पास आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, जमीन के दस्तावेज और ई-केवाईसी होना आवश्यक है.
जब किसान मानधन योजना में अपना रजिस्ट्रेशन कराते हैं तो किसान को एक यूनिक पेंशन कार्ड नंबर मिलता है. यही भविष्य में आपके बुढ़ापे को आर्थिक तौर पर सुरक्षित करता है.
यदि किसी वजह से पेंशन के लिए रजिस्टर लाभार्थी किसान की मृत्यु हो जाती है तो किसान की पत्नि को हर महीने 50% पेंशन यानी 1500 रुपये हर महीने दिए जाएंगे.
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