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पाकिस्तान को घर जैसा बताने के बाद सैम पित्रोदा ने दी सफाई

पकिस्तान को घर जैसा बताने वाले बयान पर सैम पित्रोदा की सफाई आई है जिसमें उन्होंने बयान को गलत सन्दर्भ में पेश करने की बात कही है.

कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने फिर एक बार विवादित बयान दे दिया जिसके बाद उन्होंने अपने बयान पर सफाई भी दी. उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. पित्रोदा ने भारतीय उपमहाद्वीप के साझा इतिहास की बात की. बिहार चुनाव से पहले पित्रोदा के इस बयान ने BJP को मुद्दा दे दिया है. भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए माफ़ी मांगने की मांग की है. विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सावधानी बरती है.  

बयान का सन्दर्भ ही बदल डाला

कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने फिर एक बार फिर विवादित बयान दे कर पहले तो सनसनी मचाई फिर उसी बयान पर सफाई भी दी. पित्रोदा कहा कि उनके बयान कोकिसी अन्य सन्दर्भ में ही पेश किया जा रहा है. इस बयान से उनका आशय केवल भारतीय उपमहाद्वीप के साझा इतिहास और लोगों के आपसी संबंधों को रेखांकित कर उनके प्रति अपनी सहजता दर्शाना था.

एक्स पर पोस्ट कर दी जानकारी

सैम पित्रोदा ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर बताया की, “मेरा आशय साझा इतिहास और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर जोर देना था – दर्द, संघर्ष या आतंकवाद तथा भू-राजनीतिक तनावों से उत्पन्न गंभीर चुनौतियों को नजरअंदाज करना नहीं था.”

बिहार चुनाव में बीजेपी को मिला मुद्दा

बिहार विधानसभा चुनाव सरगर्मी पर है. उसी के बिच  पाकिस्तान को घर जैसा बताने वाले बयान से कांग्रेस के ओवरसीज विभाग के प्रमुख सैम पित्रोदा ने भाजपा को बड़ा और प्रभावशाली मुद्दा दे दिया है. इस बयान के बाद से भाजपा सैम पित्रोदा के साथ साथ कांग्रेस पर भी हमलावर है, वहीं कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के अन्य घटक दल बैकफुट पर देखे जा रहे है. 

सैम पित्रोदा  2019 के लोकसभा चुनाव में भी 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर ”हुआ सो हुआ” वाले बयान दे कर और 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले पैतृक संपत्ति के गरीबों में बांटे जाने की सलाह देकर कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी कर चुके हैं.

सैम पित्रोदा का विवादों से पुराण है नाता

सैम पित्रोदा का विवादित बयानों से पुराना नाता रहा है. ‘हुआ सो हुआ’ और संपत्ति को गरीबों में बांटने के सलाह के अलावा वह भारतीयों को अलग-अलग विदेशी नस्लों से जोड़ने वाले बयान भी दे चुके हैं. उन्होंने 2024 में कहा कि पूर्वोत्तर भारत के लोग चीन, उत्तर भारत केलोग  यूरोपीय, पश्चिम भारत के लोग अरब और दक्षिण भारत के लोग अफ्रीकी नस्ल के हैं. तब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने खुद को आधिकारिक रूप से पित्रोदा के इस बयान से अलग कर लिया था. और इसको उनकी निजी राय बताई थी. 

Swarnim Suprakash

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