West Bengal News: पश्चिम बंगाल की सियासत में सोमवार की रात को एक जबरदस्त भूचाल आया, जब राज्य के पूर्व अग्निशमन मंत्री और टीएमसी के दिग्गज नेता सुजीत बोस को बंगाल भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया.
सुजीत बोस को ED ने किया गिरफ्तार
West Bengal News: पश्चिम बंगाल की सियासत में सोमवार की रात को एक जबरदस्त भूचाल आया जब राज्य के पूर्व अग्निशमन मंत्री और टीएमसी के दिग्गज नेता सुजीत बोस को बंगाल भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया. यह घटना लालू यादव के परिवार पर लगे भर्ती घोटाले जैसा ही है, फर्क सिर्फ इतना है कि वहां नौकरी के बदले जमीन ली गई थी. और यहां नौकरी के बदले रुपये.
बंगाल में सत्ता परिवर्तन होते ही घोटालों की परतें खुलने लगी है, जिसके अन्तर्गत पहली गिरफ्तारी ममता सरकार में मंत्री रहें सुजीत बोस की हुई. ईडी ने नगरपालिका भर्ती घोटाले में अब तक बचते रहे सुजीत बोस को गिरफ्तार कर लिया. इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारे में तूफान आ गया है.
सुजीत बोस तृणमूल कांग्रेस के उन बड़े नेताओं में शामिल हैं, जिनकी राजनीति में तो पकड़ मजबूत है ही, साथ ही उत्तर 24 परगना में भी उनका अच्छा खासा दबदबा है. ममता सरकार में मंत्री रहे सुजीत बोस को पार्टी मैनेजर के रूप में भी शुमार किया जाता रहा है. यानि सिर्फ चुनावी चेहरा नहीं, पार्टी को संगठित करने में भी उनके बड़ा योगदान रहा है. इस कारण भी उनकी गिरफ्तारी को अहम माना जा रहा है.
आरोप है कि पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल के कई नगर निगमों और शहरी निकायों में नियमों को ताक पर रखकर पैसे लेकर राजनीतिक सिफारिश पर भर्तीयों को अंजाम दिया गया. योग्यता को दांव पर रखकर उन लोगों को नौकरी दी गई जिनके पास पैसा या राजनीतिक सिफारिश थी. ED और CBI दोनों इस मामले की जांच कर रही है.
नगरपालिका भर्ती घोटाले की पृष्ठभूमि सुजीत बोस से नहीं बल्कि शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच से शुरु हुई. इसी दौरान एजेंसी ने कारोबारी अयान सिल और उसके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की. ED ने यहां से कथित तौर पर कई डिजिटल फाइलें,भर्ती से जुड़े दस्तावेज,कथित भुगतान रिकार्ड और OMR डेटा की बरामदगी की जिसके बाद नगरपालिका भर्ती घोटाले की परत खुली.
ED के दावों के अनुसार नगरपालिका भर्ती को राजनीतिक संरक्षण हासिल था.इसी मामले में ED ने सुजीत बोस के कार्यालय में छापेमारी की. 10 अक्टूबर 2025 को एजेंसी ने 13 ठिकानों पर छापेमारी की. इसी दौरान कथित दस्तावेज,डिजिटल सबूत और 45 लाख रुपये कैश बरामद किये. ED के अनुसार नगरपालिका अधिकारी, निजी कंपनिया, नेता और बिचौलियों का एक नेटवर्क मिलकर काम कर रहा था.
पूरा मामला तब और बड़ा हो गया जब कलकत्ता हाई कोर्ट ने भर्ती मामले में अपना संज्ञान लिया और भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए इसके बाद CBI जांच शुरू हुई. इसी प्रकरण में ED ने भी मनी लांड्रिग का केस दर्ज किया. एजेंसी के द्वारा बड़े नेटवर्क को जोड़ने की कोशिश की जा रही है. सुजीत बोस की गिरफ्तारी इस दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
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