Surat Textile Market Fire: सिर्फ 10 हजार रुपये… रकम इतनी बड़ी नहीं कि जिसके लिए कोई अपनी नौकरी, करियर और जिंदगी तक दांव पर लगा दे. हालांकि सूरत में इसी रकम को लेकर शुरू हुआ विवाद खौफनाक मोड़ पर पहुंच गयाय यहां एक पूर्व अकाउंटेंट ने गुस्से में ऐसा कदम उठाया कि देखते ही देखते करोड़ों रुपये का माल आग की लपटों में घिर गया. जिस बाजार में कुछ घंटे पहले तक कारोबार चल रहा था, वहां सुबह तक सिर्फ जला हुआ कपड़ा और राख नजर आ रही थी.
बता दें कि ये मामला सूरत के सारोली इलाके में स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट का है. पुलिस के अनुसार, यहां एक कपड़ा कारोबारी की दुकान पर काम करने वाला पूर्व अकाउंटेंट विनोद सावले कथित तौर पर अपने बकाया वेतन को लेकर नाराज था. उसकी मासिक सैलरी करीब 30 हजार रुपये थी और नौकरी छोड़ने के बाद उसके करीब 10 हजार रुपये बाकी होने का दावा था.
नौकरी के समय खराब व्यवहार
पुलिस के मुताबिक, विनोद ने अप्रैल 2026 से दुकान पर अकाउंटेंट के तौर पर काम किया था. बाद में उसने नौकरी छोड़ दी. बकाया रकम को लेकर उसका पूर्व नियोक्ता से विवाद चल रहा था. जांच में पुलिस ने यह भी बताया कि विनोद ने काम के दौरान कथित तौर पर अपने साथ खराब व्यवहार और बार-बार काम को लेकर सवाल किए जाने की शिकायत की थी. इसके बाद 9 सितंबर की रात मार्केट बंद होने के बाद वह कथित तौर पर वहां पहुंचा. पुलिस का आरोप है कि उसने कपड़े के पार्सलों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. सीसीटीवी फुटेज जांच में अहम साबित हुई, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की.
सूरत में 10 हजार रुपये के विवाद में कर्मचारी ने लगाई आग, 24 करोड़ का नुकसान
गुजरात के सूरत के श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में 10 हजार रुपये के कथित भुगतान विवाद के बाद आग लगाने के मामले में पुलिस ने पूर्व अकाउंटेंट विनोद पंडित सावले को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक,… pic.twitter.com/qQjJLeBOIO
— zingabad (@zingabad) September 23, 2026
करोड़ों का नुकसान
आग सिर्फ उस दुकान तक सीमित नहीं रही. देखते ही देखते आसपास रखे कपड़ों के पार्सल भी इसकी चपेट में आ गए. पुलिस के अनुसार, आग से कई दुकानों में रखा माल बर्बाद हुआ और कुल नुकसान करीब 24 करोड़ रुपये आंका गया है. आग लगाने के बाद आरोपी कथित तौर पर सूरत से निकल गया. पुलिस के मुताबिक, वह राजस्थान के खाटू श्यामजी और उत्तर प्रदेश के अयोध्या समेत अलग-अलग जगहों पर गया और बाद में महाराष्ट्र भी पहुंचा. लगभग 12 दिन बाद सूरत लौटने पर क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया.