<

राजघराने की संपत्ति विवाद में यू-टर्न, राजकुमारी पद्मजा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने लगाई रोक

मेवाड़ राजपरिवार के भीतर चल रहे उत्तराधिकार विवाद में एक नाटकीय मोड़ आया है. दिल्ली उच्च न्यायालय ने मेवाड़ की राजकुमारी पद्मजा कुमारी परमार द्वारा अपने दिवंगत पिता अरविंद सिंह मेवाड़ की संपत्ति पर प्रशासन पत्र की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है.

मेवाड़ राजपरिवार के भीतर चल रहे उत्तराधिकार विवाद में एक नाटकीय मोड़ आया है. दिल्ली उच्च न्यायालय ने मेवाड़ की राजकुमारी पद्मजा कुमारी परमार द्वारा अपने दिवंगत पिता अरविंद सिंह मेवाड़ की संपत्ति पर प्रशासन पत्र की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. 

न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद ने यह माना कि वसीयत के अस्तित्व को स्वीकार किए जाने पर, भले ही उसकी वैधता विवादित हो, वसीयत के आधार पर संपत्ति के प्रशासन की मांग करने वाली याचिका विचारणीय नहीं है. यह विवाद महाराणा भगवत सिंह की वसीयत से जुड़ा है, जिसमें अरविंद सिंह और लक्ष्यराज सिंह के बीच मतभेद सामने आए थे.

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद पूरी तरह अरविंद सिंह मेवाड़ की वसीयत से संबंधित है.उनके निधन के बाद उनकी बेटी पद्मजा कुमारी परमार ने वसीयत को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की थी. कई महीनों से दिल्ली हाईकोर्ट में यह मामला विचाराधीन है. दोनों पक्ष लगातार अपनी दलीलें पेश करते आ रहे हैं. कोर्ट ने हालिया फैसले में स्पष्ट किया कि वसीयत की वैधता पर अंतिम फैसला आने तक लेटर्स ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन जारी करना ठीक नहीं होगा. इसी आधार पर पद्मजा की याचिका को अस्वीकार कर दिया गया. इसका अर्थ है कि संपत्ति प्रबंधन के लिए कोई नया कानूनी अधिकार अभी प्रदान नहीं किया जाएगा. मुख्य विवाद पर सुनवाई आगे चलती रहेगी.

पद्मजा कुमारी कौन हैं?

पद्मजा कुमारी परमार मेवाड़ राजपरिवार की राजकुमारी हैं. पद्मजा कुमारी परमार मेवाड़ हाउस ऑफ उदयपुर की बेटी हैं, जो दुनिया की सबसे पुरानी सल्तनतों में से एक है. 734 ईस्वी में स्थापित इस राजवंश की जड़ें सूर्य देव से मानी जाती हैं. पद्मजा फिलैंथ्रोपी, हॉस्पिटैलिटी और हेल्थकेयर में सक्रिय हैं. वे ‘फ्रेंड्स ऑफ मेवाड़’ की फाउंडर हैं, जो प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण पर काम करती है. 

अरविंद सिंह मेवाड़

अरविंद सिंह मेवाड़ (1939-2025) मेवाड़ के 76वें कस्टोडियन थे. वो उदयपुर के पूर्व राजा भगवत सिंह मेवाड़ के बेटे थे. अरविंद सिंह हॉस्पिटैलिटी बिजनेस के मास्टरमाइंड थे, जिन्होंने HRH ग्रुप ऑफ होटल्स की स्थापना की. उन्होंने मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन को मजबूत किया. उनकी मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद टूल पकड़ने लगा और मामला कोर्ट तक पहुंच गया.

विवादित संपत्ति का विवरण

विवाद अरविंद सिंह की पर्सनल संपत्ति पर है, जिसमें दिल्ली, मुंबई और उदयपुर की कई प्रॉपर्टीज शामिल हैं. इस संपत्ति का कुल मूल्य 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा अनुमानित है. इसमें सिटी पैलेस कॉम्प्लेक्स (84 एकड़), ह्रदय सागर प्राइवेट लिमिटेड, मणक चंद्राकर होटल्स और कई लग्जरी होटल्स आते हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने संपत्ति पर पद्मजा की अस्थायी प्रशासक बनने की मांग ठुकरा दी, क्योंकि वे अमेरिका में रहती हैं. कोर्ट ने कहा कि वे संपत्ति का प्रभावी प्रशासन नहीं कर पाएंगी. संपत्ति का क्षेत्रफल सैकड़ों एकड़ में फैला है, जिसमें ऐतिहासिक महल और कॉमर्शियल प्रॉपर्टीज शामिल हैं.

मेवाड़ राजपरिवार के बारे में

मेवाड़ राजवंश सिसोदिया राजपूतों का 1400 साल पुराना वंश है. बप्पा रावल ने 734 ईस्वी में इस वंश की स्थापना की. इस वंश के प्रमुख राजाओं महाराणा प्रताप, राणा संगा जैसे वीरों ने मुगलों का डटकर मुकाबला किया था. उदयपुर का सिटी पैलेस दुनिया की सबसे बड़ी राजप्रासादों में शुमार है. आज यह पर्यटन और हेरिटेज बिजनेस पर निर्भर है. इस परिवार में कस्टोडियनशिप की अवधारणा है, यानी संपत्ति भगवान एकलिंगनाथ की है, परिवार के सदस्य सिर्फ ट्रस्टी हैं. 

Shivangi Shukla

वर्तमान में शिवांगी शुक्ला इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. हेल्थ, बॉलीवुड और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा रिसर्च बेस्ड आर्टिकल और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करती हैं. तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है. डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

Recent Posts

Watch Video: अंदर लाश लटकी थी, बाहर भगदड़ मची थी, इंदौर के नशा मुक्ति केंद्र से एक साथ भागे 70 मरीज

Indore Rehab Center Chaos: इंदौर के पहचान नशा मुक्ति केंद्र में युवक ने फांसी लगाकर…

Last Updated: October 31, 2026 21:19:16 IST

Azam Khan Arrested: जेल से बाहर आते ही फिर गिरफ्तार आजम खां, 15 गाड़ियों का काफिला, 50 CRPF जवानों के साथ पहुंची ED

Azam Khan Into ED Custody: जमानत मिलने के बाद रामपुर जेल से रिहा होते ही…

Last Updated: October 31, 2026 19:42:07 IST

Shraddha Kapoor की ‘ईठा’ पर डायरेक्टर का बड़ा खुलासा, बोले- विठाबाई की जिंदगी पर आधारित नहीं है फिल्म

Shraddha kapoor eetha film: श्रद्धा कपूर की आगामी फिल्म ‘ईठा’ को लेकर निर्देशक लक्ष्मण उतेकर…

Last Updated: October 31, 2026 19:26:55 IST

Bhopal fraud case: बेटे को वश में करने के नाम पर ठगे एक करोड़! तंत्र-मंत्र के जाल में ऐसे फंसा पूरा परिवार

Bhopal fraud case: भोपाल के साकेत नगर में तंत्र-मंत्र और गृहशांति के नाम पर एक…

Last Updated: October 31, 2026 19:17:41 IST