West Bengal Hung Assembly 2026: अगर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में त्रिशंकु विधानसभा बनती है, तो राज्यपाल की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. क्या-क्या होगा विकल्प? पढ़िये स्टोरी.
West Bengal Hung Assembly 2026: राज्यपाल का सरकार बनवाने में क्या है रोल
West Bengal Hung Assembly 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के तहत 294 सीटों पर मतदान हो चुका है और नतीजे 04 मई, 2026 को घोषित किए जाएंगे. इससे पहले एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ गए हैं. बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर तीन एग्जिट पोल में से 2 एग्जिट पोल में सत्ता परिवर्तन हो रहा है यानी तृणमूल कांग्रेस डेढ़ दशक बाद सत्ता से बाहर हो रही है और भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन रही है, जबकि सिर्फ एक एग्जिट पोल में ममता बनर्जी की अगुवाई में टीएमसी की सरकार बन रही है. अगर ऐसा हुआ तो इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब कांग्रेस, वामदलों और तृणमूल कांग्रेस के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सामने आए कई एग्जिट पोल में भाजपा और टीएमसी में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. मैट्राइज के एग्जिट पोल में टीएमसी को 125 से 140 सीटें मिलती नजर आ रही हैं जबकि भाजपा को 146 से 161 सीटें मिल रही हैं. एक अन्य एग्जिट पोल में टीएमसी को 146 से 149 और भाजपा को 140 से 143 सीटें मिल रही हैं. करीबी मुकाबले में राज्यपाल की भूमिका अहम हो जाती है.
यह परंपरा रही है कि राज्यपाल हमेशा बड़ी पार्टी यानी सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाले राजनीतिक दल को ही सरकार बनाने के लिए बुलाते हैं. हालांकि, यह राज्यपाल पर निर्भर करता है वो किसे बुलाएं और किसे नहीं? कई बार राजनीतिक दल दावे तो बहुमत के करते हैं, लेकिन कागजों के इतर हकीकत कुछ और होती है. ऐसे में कई बार राज्यपाल समर्थक विधायकों के नाम और लिस्ट तक मांग लेते हैं.
तृणमूल कांग्रेस : 177-187 सीटें
बीजेपी : 95 से 110
कांग्रेस : 1 से 3 सीटें
पोल डायरी का एग्जिट पोल
टीएमसी- 99-127 सीटें
बीजेपी :142 से 171 सीटें
कांग्रेस गठबंधन : 3 से 5 सीटें
लेफ्ट : 2 से 3 सीटें
मैट्राइज के एग्जिट पोल
टीएमसी : 125 से 140
बीजेपी : 146 से 161
अन्य : 6-10 सीटें
पी-मार्क के एग्जिट पोल
टीएमसी : 118 से 138
बीजेपी : 150 से 175 सीटें
राज्यपाल राज्य की सरकार बनाने में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं. वह एक तरह से मुख्यमंत्री को नियुक्त करते हैं. राज्यपाल ही अनुच्छेद 164 के तहत विधानसभा चुनाव के बाद बहुमत वाले दल या गठबंधन के नेता को सरकार बनाने के लिए बुलाते हैं. वहीं, त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में राज्यपाल की भूमिका निर्णायक हो जाती है. त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में राज्यपाल अपने विवेक से सबसे बड़े दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं.
यहां पर बता दें कि 12 मार्च, 2026 से आरएन रवि (R. N. Ravi) पश्चिम बंगाल के राज्यपाल हैं. आरएन रवि ने सीवी आनंद बोस का स्थान लिया है, जिन्होंने मार्च 2026 में इस्तीफा दे दिया था. वह पश्चिम बंगाल के 22वें राज्यपाल के रूप में कार्य कर रहे हैं. उनके लिए 4 मई, 2026 से ही चुनौती बढ़ सकती है अगर किसी भी राजनीतिक दल को बहुमत नहीं मिला.
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