who will be the next chief minister of west bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का आगाज़ होने जा रहा है. बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे. अग्निमित्रा पॉल और निसिथ प्रमाणिक उपमुख्यमंत्री होंगे. इसी के साथ वे बंगाल में बीजेपी सरकार का नेतृत्व करने वाले पहले नेता बन जाएंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल में बीजेपी विधायक दल का नेता घोषित किया. यह घोषणा बंगाल में बीजेपी के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है, जहां पार्टी दशकों से क्षेत्रीय दलों और वामपंथियों के किले को ढहाने की कोशिश में जुटी थी.
चुनाव परिणामों का ऐतिहासिक लेखा-जोखा
बीजेपी की यह बड़ी जीत हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद आई है. पार्टी ने राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा में से उन 293 सीटों पर चुनाव लड़ा था जहाँ चुनाव हुए और उनमें से 207 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की.
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी
नई बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा. इस भव्य कार्यक्रम में
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
- बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन
तमाम केंद्रीय मंत्री और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे.
राजभवन में सरकार गठन की प्रक्रिया को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. सूत्रों के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी कल शाम करीब 6.30 बजे बीजेपी विधायकों के समर्थन पत्र के साथ राज्यपाल से मिलने पहुंचेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.
सुवेंदु अधिकारी को इस पद का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था, क्योंकि चुनावी कैंपेन के दौरान बीजेपी ने बार-बार ‘माटी के लाल’ का नारा दिया था एक ऐसा नेता जो बंगाल की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हो. उनकी जीत महज एक जीत नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश है. सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली सीट पर निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर एक प्रतीकात्मक जीत दर्ज की. उन्होंने नंदीग्राम सीट पर भी अपनी पकड़ बनाए रखी, वही नंदीग्राम जिसने 2007 के भूमि अधिग्रहण आंदोलन के बाद उन्हें एक कद्दावर नेता के रूप में स्थापित किया था.
सुवेंदु ने कहा है कि वह 10 दिनों के भीतर अपनी एक सीट छोड़ देंगे, हालांकि अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान करेगा. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, ‘मैं भवानीपुर और नंदीग्राम के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं भूलूंगा.’