PM Modi Iran President Call: जंग के बीच PM मोदी की ईरान को किया कॉल! आखिर समुद्र में फंसे 20 भारतीय जहाजों का क्या होगा? जानें मोदी ने क्यों कहा 'समुद्री रास्ते खुले रहने चाहिए'...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बात की
India-Iran Relation: पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात और तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बात की. यह बातचीत सिर्फ औपचारिक नहीं थी बल्कि इसमें क्षेत्र की शांति और वैश्विक व्यापार को लेकर भारत की गहरी चिंताएं भी साफ झलक रही थीं. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पेजेश्कियान को ईद और नौरोज की दिली मुबारकबाद दी. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह त्योहारों का सीजन पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और खुशहाली लेकर आएगा.
बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने हाल के दिनों में क्षेत्र के अहम बुनियादी ढांचों पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने साफ कहा कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन को भी बुरी तरह प्रभावित करते हैं. समुद्री रास्तों की सुरक्षा बेहद जरूरी है ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे.
तनाव के इस माहौल में भारत की प्राथमिकताएं बिल्कुल स्पष्ट हैं भारत अपने नागरिकों की सलामती चाहता है और ऊर्जा और अन्य जरूरी सामानों के ट्रांजिट में कोई बाधा नहीं चाहता है. PM मोदी ने ट्वीट करते राष्ट्रपति से बातचीत की जानकारी दी. उन्होंने लिखा ‘ राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियान से बात की और उन्हें ईद और नौरोज़ की शुभकामनाएं दीं. हमने उम्मीद जताई कि यह त्योहारों का सीजन पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आएगा. क्षेत्र में बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को बाधित करते हैं. समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि शिपिंग लेन (समुद्री रास्ते) खुले और सुरक्षित रहें. ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरान के निरंतर सहयोग की सराहना की.’
फिलहाल फारस की खाड़ी में भारत के 20 से ज्यादा जहाज फंसे हुए हैं, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात ठप पड़ा है. हालांकि कूटनीतिक कोशिशों के बीच एक अच्छी खबर यह आई कि पिछले हफ्ते भारत के दो गैस टैंकर शिवालिक और नंदा देवी सुरक्षित तरीके से वहां से निकलने में कामयाब रहे. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस पर स्पष्ट किया कि ईरान के साथ जहाजों की आवाजाही को लेकर कोई पक्का लिखित समझौता नहीं है. हर जहाज का निकलना एक अलग चुनौती होती है और तेहरान के साथ जारी बातचीत के सकारात्मक नतीजे मिल रहे हैं.
ये भी पढ़ें: क्या खत्म होने वाला है जंग? मौत की अफवाहों के बीच नेतन्याहू का प्रेस कॉन्फ्रेंस, किया बड़ा एलान
Chelsea Green: WWE सुपरस्टार चेल्सी ग्रीन को दिल की बीमारी है. हाल में ही उन्होंने…
FIFA World Cup 2026: भारत इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले रहा है, लेकिन फैंस…
Udaipur: उद्योग जगत में अपनी दूरदर्शिता, अनुशासित जीवनशैली और प्रभावशाली नेतृत्व के लिए पहचाने जाने…
Dharavi Redevelopment Project: शाहूनगर में रहने वाले लगभग 900 BMC किरायेदारों को अस्थायी रूप से…
Adani Solar Ranking 2026: अडानी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (ANIL) की सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, अडानी सोलर,…
shaniwar ke upay: शनिदेव का दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए विशेष माना जाता…