India-US trade deal: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देने वाला अंतरिम व्यापार समझौता सामने आ गया है. जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में एक जरूरी कदम बताया है. यह व्यापार समझौता होने के कुछ दिन बाद सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि इसमें लाभकारी सहयोग के लिए कई संभावनाएं हैं. व्हाइट हाउस की तरफ से जारी संयुक्त बयान में टैरिफ कटौती, बाजार पहुंच, सप्लाई चेन, टेक्नोलॉजी सहयोग और भारत द्वारा अमेरिका से $500 अरब डॉलर तक की खरीद जैसे अहम बिंदुओं पर सहमति की पुष्टि की पुष्टी हुई है. आइए जानते हैं, इस बड़ी डील की 8 सबसे मुख्य बातें और इसका भारत पर क्या असर पड़ेगा. संयुक्त बयान में बताई गई 10 मुख्य बातें
1. अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ कटौती
अमेरिका ने बताया कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों के साथ कृषि और खाद्य पदार्थों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क हटाने या कम करने पर सहमत हो गया है.
2. 18% का पारस्परिक टैरिफ संरचना
संयुक्त राज्य अमेरिका ने बताया कि वह भारत से आने वाले सामानों पर 18% का पारस्परिक शुल्क लगाएगा. यह आयात सामान जैसे परिधान, चमड़ा, प्लास्टिक, जूते, रबर, सजावट का सामान, जैविक रसायन, जैसी चीजें शामिल हैं।
3. राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े शुल्क वापस लिए जाएंगे
वाशिंगटन का कहा कि वह कुछ भारतीय विमानों और विमान घटकों पर राष्ट्रीय सुरक्षा घोषणाओं के तहत पहले लगाए गए शुल्क को वापस ले लेगा, जिसकी वजह से एल्यूमीनियम, स्टील और तांबे के कारोबार को नुकसान पहुंचता है.
4. दोनों देशों की तरफ से बाजार पहुंच संबंधी प्रतिबद्धताएं
जरूरी क्षेत्रों में दोनों देश एक-दूसरे को निरंतर तरजीही पहुंच प्रदान करने का इरादा रखते हैं.
5. लाभ दोनों को ही मिलें
दोनों देशों की तरफ से बताया गया भारत और अमेरिका ऐसे मूल नियम तैयार करेंगे जो यह सुनिश्चित करेंगे कि समझौते के लाभ मुख्य रूप से दोनों अर्थव्यवस्थाओं को ही मिलें
6. निर्यातकों की प्रक्रिया आसान बनाना
व्हाइट हाउस के अनुसार, दोनों देश निर्यातकों की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए तकनीकी मानकों और अनुरूपता मूल्यांकन को लेकर बातचीत शुरू करने पर सहमती हुई है.
7. अमेरिकी वस्तुओं की जरूरी खरीदारी
अमेरिका ने कहा कि भारत आने वाले पांच सालों में 500 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमानन उत्पाद, बहुमूल्य धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा रखता है.
8. टैरिफ बदलाव में लचीलापन
आगे बताया गया है कि समझौते के लागू होने के बाद यदि कोई भी देश अपने टैरिफ में बदलाव करता है, तो दूसरा देश भी उसके अनुसार अपनी प्रतिबद्धताओं में संशोधन कर सकता है.