Work From Home TQL Denied Case: रिपोर्ट के मुताबिक 15 फरवरी 2021 को चेल्सी ने घर से काम करने की अनुमति मांगी थी. डॉक्टर ने उन्हें कम से कम शारीरिक गतिविधि करने और घर पर रहने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद कंपनी ने साफ कह दिया या तो ऑफिस आओ या बिना वेतन छुट्टी लो, जिसमें उनकी सैलरी और हेल्थ इंश्योरेंस दोनों खतरे में पड़ जाते. मजबूरी में चेल्सी को 22 फरवरी से ऑफिस जाना पड़ा. उन्होंने तीन दिन तक डॉक्टर की सलाह के खिलाफ काम किया.
WFH ना देने पर कंपनी को लगा $22.5 मिलियन का जुर्माना
Work From Home Denied Case: अमेरिका के ओहियो से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसानियत और कॉर्पोरेट संवेदनशीलता दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक प्रेग्नेंट महिला को डॉक्टर की सलाह के बावजूद घर से काम (WFH) करने की इजाज़त नहीं दी गई और इसका नतीजा इतना बुरा हुआ कि उसकी नई जन्मी बच्ची की जान चली गई. इस मामले में अब टोटल क्वालिटी लॉजिस्टिक्स को करोड़ों रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया गया है.
दरअसल चेल्सी वॉल्श नाम की महिला टोटल क्वालिटी लॉजिस्टिक्स (TQL) में काम करती थीं. फरवरी 2021 में उनकी प्रेग्नेंसी हाई-रिस्क हो गई थी और डॉक्टर ने उन्हें सख्त आराम के साथ घर से काम (WFH) करने की सलाह दी थी. जिसके बाद उन्होंने अपने डॉक्टर के कहने पर घर से काम करने की इजाजत मांगी. WKRC की रिपोर्ट के मुताबिक टोटल क्वालिटी लॉजिस्टिक्स ने उनकी रिक्वेस्ट मना कर दी.
रिपोर्ट के मुताबिक 15 फरवरी 2021 को चेल्सी ने घर से काम करने की अनुमति मांगी थी. डॉक्टर ने उन्हें कम से कम शारीरिक गतिविधि करने और घर पर रहने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद कंपनी ने साफ कह दिया या तो ऑफिस आओ या बिना वेतन छुट्टी लो, जिसमें उनकी सैलरी और हेल्थ इंश्योरेंस दोनों खतरे में पड़ जाते. मजबूरी में चेल्सी को 22 फरवरी से ऑफिस जाना पड़ा. उन्होंने तीन दिन तक डॉक्टर की सलाह के खिलाफ काम किया.
24 फरवरी की शाम चेल्सी को अचानक लेबर पेन शुरू हुआ. उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसका नाम मैगनोलिया वॉल्श रखा गया. जन्म के समय बच्ची की धड़कन चल रही थी वह सांस भी ले रही थी लेकिन वह बेहद समय से पहले (लगभग 18 हफ्ते पहले) पैदा हुई थी. जन्म के करीब डेढ़ घंटे बाद उसकी मौत हो गई. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कंपनी ने घर से काम की अनुमति उसी दिन दी लेकिन तब, जब बहुत देर हो चुकी थी.
हैमिल्टन काउंटी ओहियो में एक जूरी ने मैगनोलिया की मौत के लिए कंपनी को ज़िम्मेदार पाया. वोल्टरमैन लॉ ऑफिस के मैथ्यू सी. मेट्ज़गर ने कहा, “यह एक युवा परिवार के लिए दिल तोड़ने वाला नतीजा है.” “सबूत से पता चला कि चेल्सी वॉल्श हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के लिए अपने डॉक्टरों के निर्देशों का पालन कर रही थी और उसने बस घर से काम करने के लिए कहा था. जूरी ने पाया कि कंपनी के उस सही अनुरोध को न मानने की वजह से उसकी बेटी की मौत हो गई.” कोर्ट ने पहले 25 मिलियन डॉलर का हर्जाना तय किया, लेकिन 90% जिम्मेदारी कंपनी पर डालते हुए इसे घटाकर $22.5 मिलियन (लगभग ₹186-187 करोड़) कर दिया गया.
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