Adulteration in rice: चावल भारतीय थाली का अहम हिस्सा है और देश के ज्यादातर घरों में इसका इस्तेमाल रोजाना होता है. ऐसे में चावल की गुणवत्ता को लेकर थोड़ी सी भी लापरवाही परेशानी का कारण बन सकती है. बाजार में चावल में धूल, कंकड़, पत्थर, भूसी, खरपतवार के बीज, खराब दाने और कीड़े जैसी चीजें मिल सकती हैं. इसके अलावा कुछ मामलों में चावल में रंग या दूसरी तरह की मिलावट की आशंका भी रहती है. सोशल मीडिया पर चावल की शुद्धता जांचने के लिए पानी में डालने, पकाने या जलाने जैसे कई तरीके वायरल होते रहते हैं. लेकिन हर वायरल नुस्खा मिलावट की सही पहचान करे, यह जरूरी नहीं है. ऐसे में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की ओर से बताए गए तरीकों की मदद से चावल की शुरुआती जांच की जा सकती है.
प्लेट में फैलाते ही दिख सकती है कई तरह की मिलावट
चावल की जांच के लिए सबसे आसान तरीका उसकी अच्छी तरह से जांच करना है. थोड़ी मात्रा में चावल को एक साफ प्लेट में फैलाएं और उसे ध्यान से देखें. इसमें धूल, कंकड़, छोटे पत्थर, भूसी, खरपतवार के बीज, खराब दाने या कीड़े जैसी चीजें नजर आ सकती हैं. अगर चावल में जरूरत से ज्यादा कंकड़ या दूसरी बाहरी चीजें दिखाई देती हैं, तो उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है. इसलिए ऐसे चावल को खरीदने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.
सेला चावल में रंग की मिलावट ऐसे जांचें
FSSAI के मुताबिक, सेला चावल में हल्दी जैसे रंग की मिलावट की जांच भी की जा सकती है. इसके लिए एक चम्मच चावल को कांच की प्लेट में लें. इसके बाद उस पर थोड़ी मात्रा में भिगोया हुआ चूना डालें. FSSAI के बताए इस टेस्ट में अगर चावल पर लाल रंग दिखाई देता है तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है. वहीं, असली चावल पर लाल रंग नहीं बनता. इस तरह चावल में रंग की मिलावट की शुरुआती जांच की जा सकती है.
सिर्फ पानी में डालकर नकली चावल की पहचान नहीं होती
सोशल मीडिया पर अक्सर दावा किया जाता है कि नकली या कथित प्लास्टिक चावल पानी में डालने पर अलग तरह से व्यवहार करता है और इसी से उसकी पहचान हो सकती है. लेकिन सिर्फ पानी में डालकर चावल के नकली होने का भरोसेमंद टेस्ट नहीं माना जा सकता. इसलिए किसी वायरल वीडियो या सोशल मीडिया के नुस्खे को देखकर चावल की गुणवत्ता के बारे में तुरंत फैसला नहीं करना चाहिए. चावल खरीदते समय उसकी पैकिंग, गुणवत्ता और स्रोत पर भी ध्यान देना जरूरी है.
जलाने पर क्या होता है? FSSAI ने बताया तरीका
FSSAI के मुताबिक, चावल में स्टार्च की मात्रा होती है. अगर चावल को जलाया जाए तो सामान्य चावल जलकर काला हो जाता है. वहीं, चावल में कुछ तरह की मिलावट होने पर उसके व्यवहार में अंतर दिखाई दे सकता है और वह पिघलने जैसा व्यवहार कर सकता है. हालांकि, किसी घरेलू टेस्ट के आधार पर ही चावल को पूरी तरह सुरक्षित या असुरक्षित घोषित नहीं किया जा सकता. संदिग्ध स्थिति में खाद्य गुणवत्ता की उचित जांच जरूरी होती है.
बहुत ज्यादा चमकीला चावल देखकर न करें खरीदारी
चावल खरीदते समय सिर्फ उसकी चमक देखकर प्रभावित होने से बचना चाहिए. कई बार चावल को बेहतर दिखाने के लिए पॉलिश किया जाता है. इसलिए जरूरत से ज्यादा चमकीले दानों को देखकर उन्हें बेहतर गुणवत्ता वाला मान लेना सही नहीं है. खरीदारी के दौरान अच्छी गुणवत्ता और भरोसेमंद स्रोत को प्राथमिकता दें. पैकेट वाले चावल में पैकिंग और अन्य जरूरी जानकारी देखना आसान होता है, जबकि खुले चावल में मिलावट या बाहरी गंदगी की पहचान करना तुलनात्मक रूप से मुश्किल हो सकता है.
चावल स्टोर करते समय भी रखें खास ध्यान
चावल खरीदने के बाद उसे सही तरीके से स्टोर करना भी जरूरी है. रखने से पहले यह जरूर जांच लें कि चावल में कीड़े तो नहीं हैं. अगर चावल में कीड़े दिखाई दें तो उसे अलग कर दें, क्योंकि इससे चावल की गुणवत्ता खराब हो सकती है. चावल को साफ और सूखी जगह पर उचित तरीके से रखने से उसकी गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलती है. खरीदते समय सावधानी, घर लाने के बाद जांच और सही स्टोरेज-इन तीनों बातों का ध्यान रखकर चावल की गुणवत्ता को लेकर जोखिम कम किया जा सकता है.