Pakistan terror links: कर्नाटक के बीदर जिले में पाकिस्तान स्थित संदिग्ध आतंकियों और अवैध हथियारों की कथित तस्करी से जुड़े लोगों के संपर्क के आरोप में 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी की पहचान भालकी तालुक के येनाकूर गांव निवासी विशाल कुमार मेट्रे के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, उसके मोबाइल फोन में WhatsApp और Instagram के जरिए कुछ ऐसे लोगों से संपर्क की जानकारी मिली, जिनकी भूमिका की जांच पाकिस्तान स्थित आतंकी और कथित हथियार नेटवर्क से जोड़कर की जा रही है. मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी में आगे बढ़ रही है.
दिसंबर 2025 से चल रही थी खुफिया निगरानी
FIR के मुताबिक, पुलिस को 2 अक्टूबर की तड़के करीब 3 बजे सूचना मिली कि विशाल कथित तौर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के सदस्यों और अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों के संपर्क में है. पुलिस का कहना है कि इस संबंध में दिसंबर 2025 से खुफिया इनपुट के आधार पर गुप्त कार्रवाई चल रही थी. इसके बाद पुलिस टीम करीब 3:30 बजे येनाकूर गांव पहुंची और विशाल को एक घर के पास पकड़ा. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह BBA की पढ़ाई कर रहा था, हालांकि उसका कोर्स पूरा नहीं हुआ था. FIR के अनुसार, विशाल ने आतंकी संगठनों या अवैध हथियारों के नेटवर्क से किसी भी संबंध से इनकार किया. इसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की जांच शुरू की.
मोबाइल की जांच में सामने आए पाकिस्तान से जुड़े नाम
पुलिस और FIR के मुताबिक, मोबाइल फोन, WhatsApp और Instagram की शुरुआती जांच में विशाल के कथित संपर्क पाकिस्तान स्थित शाहजाद भट्टी और उसके सहयोगी राणा हुसैन के अलावा नोमी खान से सामने आए. FIR में शाहजाद भट्टी को पाकिस्तान में मौजूद नामित आतंकी बताया गया है. पुलिस का आरोप है कि विशाल और इन लोगों के बीच WhatsApp पर अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री को लेकर बातचीत हुई थी. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये संपर्क केवल ऑनलाइन बातचीत तक सीमित थे या इसके पीछे किसी वास्तविक नेटवर्क की भूमिका भी थी.
आपत्तिजनक कंटेंट की भी जांच
FIR में कहा गया है कि राणा हुसैन ने विशाल को ‘Rahe Haq’ और ‘RANA BHAI 333’ नाम के WhatsApp चैनलों के लिंक भेजे थे. पुलिस के अनुसार, विशाल ने कथित तौर पर इन चैनलों को जॉइन किया और वहां मौजूद पोस्ट और वीडियो देखे. जांचकर्ताओं का दावा है कि इन चैनलों पर भारत के खिलाफ और देश की एकता व संप्रभुता को प्रभावित करने वाली सामग्री मौजूद थी. अब पुलिस इस डिजिटल सामग्री की प्रकृति, विशाल की गतिविधियों और उसके संपर्कों की वास्तविक भूमिका की जांच कर रही है.
Ashu Sharma और Raj Bhai के नाम भी FIR में
मामले में आशु शर्मा और राज भाई उर्फ लकी सिंह के नाम भी सामने आए हैं. पुलिस का आरोप है कि विशाल इन लोगों के संपर्क में भी WhatsApp और Instagram के जरिए था. जांच एजेंसियां अब सभी कथित संपर्कों के बीच संबंध और किसी बड़े नेटवर्क की संभावित भूमिका को खंगाल रही हैं. इस दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध हथियारों को लेकर हुई कथित बातचीत के पीछे कोई वास्तविक खरीद-बिक्री हुई थी या नहीं और क्या किसी तरह का पैसा या हथियार एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया गया.
पिता को निशाना बनाने की कथित साजिश की भी जांच
FIR में पुलिस ने विशाल के पिता को निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर पिस्टल हासिल करने की योजना का भी जिक्र किया है. पुलिस इस एंगल को पारिवारिक संपत्ति विवाद से जोड़कर भी जांच रही है. हालांकि आरोपी के परिवार ने आतंकी संपर्क और हथियार तस्करी से जुड़े आरोपों को खारिज किया है. परिवार का दावा है कि पूरा मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा है और विशाल के पिता की दूसरी शादी के बाद परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था. रिश्तेदारों ने पुलिस द्वारा घर में हथियार तलाशने और विशाल तथा उसकी मां से पूछताछ किए जाने का भी दावा किया है. ये परिवार के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच से होना बाकी है.
UAPA की धाराओं में दर्ज हुआ मामला
भालकी ग्रामीण सर्किल के सर्किल इंस्पेक्टर हनमारेड्डेप्पा की शिकायत पर 2 अक्टूबर को खटक चिंचोली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया. FIR में UAPA की धारा 18, 20 और 39 के साथ BNS की धारा 61(2) और 3(5) लगाई गई हैं. FIR नंबर Crime No. 83/2026 बताया गया है. मौजूदा रिपोर्टों के मुताबिक, NIA ने स्थानीय पुलिस के समन्वय से विशाल को गिरफ्तार किया है और मामले में अदालत की कार्यवाही जारी है. एजेंसियां उसके सोशल मीडिया संपर्क, WhatsApp चैनलों, कथित हथियार तस्करी संबंधी बातचीत और किसी बड़े नेटवर्क से संभावित कनेक्शन की जांच कर रही हैं. आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी.