Nainital Traffic Jam: तीन दिन की छुट्टी के चलते उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. नैनीताल से लेकर कैंची धाम, मसूरी और चारधाम यात्रा मार्गों तक कई जगह ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ गई. नैनीताल में होटल और होम स्टे फुल हो गए, जिसके कारण कई पर्यटकों को शुक्रवार रात सड़क किनारे खुले में बितानी पड़ी.
नैनीताल में 15 हजार पर्यटक पहुंचे
शनिवार सुबह से ही बड़ी संख्या में वाहन नैनीताल की ओर पहुंचने लगे. रूसी बाईपास से भूमियाधार और नारायण नगर तक लंबा जाम लग गया. बताया गया कि शनिवार को करीब 15 हजार पर्यटक नैनीताल पहुंचे. काठगोदाम से आगे ज्योलीकोट और भीमताल रोड पर भी वाहनों का दबाव बढ़ने से कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा.
किराया पहुंचा 12 हजार रुपये तक
नैनीताल में करीब 700 होटल, होम स्टे और रिसॉर्ट हैं. वीकेंड पर ज्यादातर होटल पूरी तरह भर गए. कमरा नहीं मिलने पर कई पर्यटकों ने रिक्शा स्टैंड, बस स्टेशन और बंद दुकानों के बाहर रात बिताई. पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण कमरों का किराया भी काफी बढ़ गया. सामान्य दिनों में 2 से 3 हजार रुपये में मिलने वाले कमरे कुछ जगहों पर करीब 12 हजार रुपये तक में दिए गए.
उत्तराखंड की नैनीताल रोड पर कई घंटों से लगा भीषण जाम। जाम के चलते आने-जाने वाले लोग घंटों से परेशान हैं। यातायात व्यवस्था प्रभावित होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारी तत्काल संज्ञान लेकर जाम खुलवाने की कार्रवाई करें। #Nainital https://t.co/f7zwgLxBQG
— Manish Tiwari Journalist 🇮🇳 (@Manishtiwari_UN) October 2, 2026
कैंची धाम में 60 हजार श्रद्धालु
कैंची धाम में शनिवार को करीब 60 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे. भारी भीड़ और वाहनों के दबाव के कारण हल्द्वानी-अल्मोड़ा हाईवे पर जाम लग गया. कई लोग घंटों वाहनों में फंसे रहे और खाने-पीने की परेशानी का सामना किया.
चारधाम मार्ग और मसूरी में भी जाम
चमोली में बद्रीनाथ हाईवे पर करीब 12 किलोमीटर लंबा जाम लगा. मसूरी और ऋषिकेश में भी पर्यटक घंटों जाम में फंसे रहे. श्रीनगर, रुद्रप्रयाग और गौरीकुंड के बीच भी यातायात प्रभावित रहा. मनाली, शिमला और डलहौजी में भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे. शिमला के कुफरी में करीब 100 स्कूली बच्चे 3 से 4 घंटे तक जाम में फंसे रहे. बच्चों के घर नहीं पहुंचने से अभिभावक परेशान हो गए. तीन दिन की छुट्टी में पहाड़ों पर बढ़ी भीड़ ने ट्रैफिक, होटल और पार्किंग व्यवस्था पर भारी दबाव डाला. इससे बेहतर यातायात और पार्किंग व्यवस्था की जरूरत साफ दिखाई दी.
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