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स्कूटर पर ₹18 लाख के गहने खोए, हिम्मत नहीं हारी, 12 साल तक लड़ी लड़ाई, बाद में मिला ₹43 लाख से ज्यादा का मुआवजा

Insurance Claim Case: बीवी के 18 लाख रुपये के गहने स्कूटी से चोरी हो गए. इंश्योरेंस कंपनी ने पैसे देने से मना कर दिया लेकिन शक्स ने हार नहीं मानी और 12 साल तक लड़ाई लड़ी, और आखिरी में जीता.

Insurance Claim Case: एक दुर्लभ और साहसी बीमा विवाद का फैसला आखिरकार अब समाप्त हो ही गया. इस मामले में एक व्यक्ति को उसके स्कूटर पर बीवी के खोए हुए सोने के गहनों के लिए ₹43 लाख से अधिक का मुआवजा मिला है. लेकिन इसके लिए व्यक्ति ने भी बिना हम्मत हारे लंबी लड़ाई का सफर तय किया है.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 7 जनवरी 2010 का है. घड़ी में करीब दोपहर के 1:30 बज रहे थे और श्री शर्मा नाम के व्यक्ति स्कूटर से नरेला की तरफ जा रहे थे. उनके पास पत्नी के सोने के गहने पड़े हुए थे. उन्हें चांदनी चौक एक ज्वेलरी की दुकान पर जानी थी, तभी दोपहर 3 बजे उनको एहसास होता है कि थैली उनकी जेब से गायब है. बिना देर किये वो बवाना स्टेशन पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई. गहनों की कुल कीमत 18.37 लाख रुपये था और उनका बीमा कराया गया था. इस घटना के अगले ही दिन व्यक्ति नें 8 जनवरी 2010 को बीमा कंपनी को घटना की जानकारी दे दी.

इंश्योरेंस कंपनी ने क्लेम क्यों नहीं दी

इंश्योरेंस कंपनी ने क्लेम को खारिज करते हुए कई तर्क दिए. कंपनी का कहना था कि पॉलिसी 24 दिसंबर 2009 को ली गई थी और इतनी जल्दी इतने बड़े नुकसान का क्लेम संदेह पैदा करता है. बीमा कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि श्री शर्मा ने गहनों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सावधानी नहीं बरती. कंपनी ने यह भी बताया कि श्री शर्मा ने क्लेम किया था कि वे गहनों के साथ अकेले यात्रा कर रहे थे, वे पहले नरेला में एक प्लॉट का निरीक्षण करने और फिर दरीबा कलां गए, जहां गहनों की अदला-बदली करानी थी, जबकि ये दोनों स्थान विपरीत दिशाओं में हैं और लगभग 30-35 किलोमीटर की दूरी पर हैं.
श्री शर्मा ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया. जिला उपभोक्ता आयोग ने माना कि बीमा कंपनी ने बिना ठोस सबूत के क्लेम खारिज किया गया है. उपभोक्ता आयोग ने 17,75,520 रुपये 9% वार्षिक साधारण ब्याज के साथ, साथ ही 50,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया.
बीमा कंपनी ने इस फैसले को आगे चुनौती दी. लेकिन 15 जनवरी 2026 को स्टेट आयोग ने भी अपील खारिज कर दी और जिला आयोग के आदेश को सही माना.

कुल पैसा कितना होगा?

  • क्लेम राशि: ₹17,75,520
  • ब्याज (9% लगभग 15 साल से थोड़ा ज्यादा: लगभग ₹25,17,199
  • कुल राशि 42,92,719 लाख रुपये के कराब है.
  • इसके बाद 50,000 रुपये का मुआवजा अलग से मिलेगा.
  • यदि एक महिने के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो आदेश में उच्च दर (12%) से ब्याज का प्रावधान भी है
Vipul Tiwary

डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए, विपुल लेटेस्ट ट्रेंड्स, एक्सपर्ट ओपिनियन और फैक्ट-आधारित कंटेंट के जरिए पाठकों को अपडेट रखते हैं. ये लाइफस्टाइल, हेल्थ, फाइनेंशियल अवेयरनेस और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े विषयों पर गहरी समझ और रिसर्च आधारित लेखन के लिए जाने जाते हैं.

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Vipul Tiwary

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