न्यूजीलैंड हार्ट फाउंडेशन के एक शोध से पता चलता है कि सप्ताह में 3-4 मुट्ठी (15 ग्राम) बीज या मेवे खाने से हार्ट हेल्थ दुरुस्त रहती है लेकिन ज्यादातर लोग न इसे खाने का समय जानते हैं और न ही सही तरीका, जिसके कारण बीज और मेवों के फायदे नहीं मिल पाते और लोगों को ये नुकसान करने लगते हैं, इसलिए यहां एक्सपर्ट से जाने क्या ही सही तरीका.
गलत टाइम पर खाएंगे तो 'अमृत' भी बनेगा जहर! एक्सपर्ट से जानें कद्दू, अलसी और चिया सीड्स खाने का सही समय और तरीका
बीज और मेवे भले ही छोटे हों, लेकिन पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. खासतौर पर चिया, अलसी, कद्दू और सूरजमुखी के बीज ओमेगा-3, फाइबर, कैल्शियम, प्लांट प्रोटीन, मैग्नीशियम, आयरन, विटामिन-ई और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं, लेकिन इनव सबी पोषक तत्वों का अवशोषण बॉडी में सही तरीके से नहीं हो पाता जिसका कारण है गलत समय और गलत तरीके से इनका सेवन. स्किन, हेयर एंड वेलनेस एक्सपर्ट एकता मोदी बताती हैं कि पोषक तत्वों के अधिकतम अवशोषण के लिए बीजों को कच्चा खाने के बजाए भिगोकर, भूनकर या पीसकर खाना चाहिए. फिर चाहे आप इन बीजों को अपने नाश्ते, खाने या डिनर में भी शामिल कर सकते हैं.
कद्दू के बीजों में मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा होती है जो आपके शरीर में क्रेविंग्स को कंट्रोल करने का काम करते हैं. इसमें मौजूद प्रोटीन आपके ब्लड शुगर को बैलेंस करता है. यदि आप सुबह या दोपहर में कद्दू के बीज खाते हैं तो बेहतर नतीजों के लिए शाम को या डिनर के बाद इसका सेवन कर सकते हैं.
असली के बीजों में फाइबर और ओमेगा-3 काफी अच्छी मात्रा में मौजूद होता है जो आपकी गट हेल्थ को सपोर्ट करने के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल और हार्मोन्स को भी बैलेंस करने का काम करता है. इसमें पाए जाने वाले सभी पोषक तत्वों को फायदा लेने के लिए सुबह या नाश्ते के समय असली के बीज खाने की सलाह दी जाती है.
चिया सीड पानी में भिगोते ही फूलने लगती है और इसकी क्वांटिटी में इजाफा हो जाता है. ऐसा चिया सीड्स में मौजूद हाई सोल्यूबल फाइबर के कारण होता है, जो आपके पाचन क्रिया को धीमा करते हैं और बार-बार होने वाली फूड क्रेविंग को भी कंट्रोल करते हैं. यदि आप चिया सीड्स को सुबह के नाश्ते या लंच के पहले स्मूदी, म्यूसली, दलिया या पानी में भिगोकर खाते हैं तो इंस्टेंट एनर्जी और वेट लॉस में काफी हेल्प मिलती है.
सोशल मीडिया के वायरल ट्रेंड को फॉलो करने वाले लोग सौंफ के बीज या इसके पानी का सुबह खाली पेट सेवन करते हैं, लेकिन ये बिल्कुल गलत तरीका है. सौंफ में फाइबर और एनेथॉल जैसे कूलिंग कंपाउंड होते हैं जो आपके डायजेशन को ठीक करने की कड़ी में पहले एसिडिटी और ब्लॉटिंग पर काम करते हैं. लेकिन सौंफ या इसके पानी को हमेशा खाने के बाद ही लेना फायदेमंद रहता है.
यूंतो तिल के बीजों को तासीर में गर्म बताते हैं लेकिन सेलेनियम, जिंक और हेल्दी फैट्स से भरपूर तिल के बीजों को सुबह के नाश्ते या खाते के साथ काने से आपकी थायरॉइड फंक्शनिंग बेहतर होती है. इसमें मौजूद फैट्स से पोषक तत्वों का एब्जॉर्पशन बेहतर ढंग से होने लगता है.
धनिए के बीज सिर्फ आपके डायजेशन को ही ट्रीट नहीं करते बल्कि बॉडी को डिटॉक्स करके ब्लॉटिंग को भी जड़ से ठीक करने में भी लाभकारी होते हैं. एंटीऑक्सीडेंट और लिनालूल से भरपूर धनिए के बीज सूजन को कम करने का भी काम करते हैं लेकिन धनिए के यह सभी फायदे आपको तभी मिलेंगे जब आप इन बीजों रात में एक गिलास पानी में भिगोने के बाद सुबह छानकर खाली पेट इसका पानी पीएंगे.
मखाना को कुछ लोग बीज तो कुछ लोग सीड्स की कैटेगरी में काउंट करते हैं. इनमें प्रोटीन और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जिसे आप एक स्नैक की तरह भी खाएंगे तो ये न सिर्फ आपके पेट को भरा हुआ रखेगा, बल्कि क्रेविंग को कंट्रोल करते हुए लो कैलोरी मखाना आपके शरीर में एनर्जी बूस्ट करेगा. फिर आप चाहें तो मखाना को नाश्ते या खाने के बीच में या इवनिंग स्नैक के तौर पर खा सकते हैं.
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