Exit Poll Results 2026 Live Updates: केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव को लेकर वोट डाले जा चुके हैं. आज यानी बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान भी खत्म हो जाएगा. इसके बाद एग्जिट पोल का दौर शुरू हो जाएगा. अलग-अलग एजेंसियां अपने-अपने आंकड़ें पेश करेंगी. इसके बाद पता चलेगा कि किस राज्य में किसकी सरकार बनेगी.
देश में एग्जिट पोल कराने का चलन 1957 में दूसरे लोकसभा चुनावों के दौरान शुरू हुआ था. इस पहल का श्रेय ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक ओपिनियन’ (IIPO) को जाता है, जिसने पहली बार मतदाताओं की पसंद जानने के लिए इस तरह का सर्वे किया था. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एग्जिट पोल वोटिंग प्रक्रिया के आखिरी चरण के बाद किए जाते हैं.
भारत में इनका संचालन ‘भारत निर्वाचन आयोग’ (Election Commission of India) द्वारा तय किए गए दिशा-निर्देशों के तहत होता है. इन दिशा-निर्देशों का मकसद यह पक्का करना है कि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे और वोटिंग के दौरान किसी भी तरह का गलत असर न डाला जाए. एग्जिट पोल को ओपिनियन पोल से अलग माना जाता है. अगर ओपिनियन पोल की बात करें तो ये चुनाव से पहले मतदाताओं की संभावित पसंद का अंदाजा लगाने के लिए किए जाते हैं. वहीं दूसरी तरफ एग्जिट पोल वोटिंग खत्म होने के बाद वोटरों के साथ बातचीत करने के बाद आंकड़ों के आधार पर तैयार किए जाते हैं.
एग्जिट पोल में मतदाताओं से पूछा जाता है कि उन्होंने किस पार्टी या उम्मीदवार को वोट दिया और उनके इस फैसले की वजह क्या थी. आम तौर पर इन सर्वे में मतदाताओं का एक ऐसा नमूना (sample) शामिल होता है जो अलग-अलग सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक वर्गों का प्रतिनिधित्व करता है. इस तरीके से राजनीतिक पार्टियों के प्रति जनता की भावना और उनके चुनावी प्रदर्शन का आकलन किया जाता है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि एग्जिट पोल पूरी तरह से अचूक नहीं होते, क्योंकि वे सीमित नमूनों और सांख्यिकीय अनुमानों पर आधारित होते हैं.
जदयू सांसद संजय कुमार झा ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल से मिले फीडबैक से पता चलता है कि मतदाताओं में बदलाव का मूड है. उन्होंने भरोसा जताया कि 4 मई को जब नतीजे घोषित होंगे तो NDA ही विजयी होगा. पटना में पत्रकारों से बात करते हुए संजय झा ने कहा कि इस बदलाव के संकेत वोटिंग के पहले चरण के बाद ही मिलने शुरू हो गए थे और मौजूदा दूसरे चरण में भी ये संकेत जारी हैं. उन्होंने आगे कहा कि इन रुझानों के आधार पर अंतिम नतीजा NDA के पक्ष में ही रहने की संभावना है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुदुचेरी के 824 निर्वाचन क्षेत्रों के एग्जिट पोल के नतीजे एक ही समय पर जारी किए जाएंगे.
चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक, मीडिया संस्थानों को 9 अप्रैल, 2026 को सुबह 7:00 बजे से लेकर 29 अप्रैल, 2026 को शाम 6:30 बजे तक एग्जिट पोल आयोजित करने या उनका प्रसारण करने से प्रतिबंधित किया गया है. इस हिसाब से 29 अप्रैल, 2026 को शाम 6:30 बजे के बाद एग्जिट पोल के नतीजे जारी सामने आने शुरू हो जाएंगे.
एग्जिट पोल ऐसे सर्वे होते हैं जो वोटरों के पोलिंग बूथ से बाहर निकलते ही तुरंत किए जाते हैं. इनमें वोटरों से पूछा जाता है कि उन्होंने अभी-अभी किस पार्टी या उम्मीदवार को वोट दिया है. तो वहीं दूसरी तरफ ओपिनियन पोल को समझने का प्रयास करें तो ये चुनाव होने से पहले ही वोटरों के व्यवहार का अंदाजा लगाने की कोशिश की जाती है.
अलग-अलग पोलिंग एजेंसियां अक्सर अलग-अलग अनुमान देती हैं, क्योंकि वे एक जैसी कार्यप्रणाली का पालन नहीं करतीं. वे अलग-अलग पोलिंग स्टेशन चुन सकती हैं, सैंपल का आकार अलग रख सकती हैं या फिर वोटरों के इंटरव्यू के दौरान सवाल पूछने का तरीका भी अलग हो सकता है. इसके अलावा, एजेंसियां इस मामले में भी अलग होती हैं कि वे उन लोगों के जवाबों को कैसे देखती हैं जिन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और वे वेटिंग फ़ॉर्मूलों को कितनी सख्ती से लागू करती हैं. यहां तक कि वोटों को सीटों में बदलने के मॉडल भी अलग होते हैं, जिसकी वजह से एक जैसा कच्चा डेटा इस्तेमाल करने के बावजूद अनुमानों में काफी देखने को मिलता है.