चोटिल प्लेयर्स से परेशान BCCI, सेक्रेटरी लेने वाले हैं तगड़ा एक्शन, लक्ष्मण से हुई मीटिंग फिक्स!
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सीनियर मेंस टीम के खिलाड़ियों की लगातार बढ़ रही चोटों को लेकर काफी परेशान है. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 10 खिलाड़ी इस समय बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन करा रहे हैं.
सेक्रेटरी जाएंगे बेंगलुरु
खिलाड़ियों की फिटनेस और वापसी की प्रक्रिया की रिव्यू करने के लिए बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया रविवार को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंच सकते हैं. इस दौरान उनकी मुलाकात पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण से होगी.
कौन कौन से खिलाड़ी रिहैब में
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इस समय जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, साई सुदर्शन, हर्षित राणा, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, आकाशदीप, अशोक शर्मा और रियान पराग जैसे खिलाड़ी रिहैब कर रहे हैं.
कोई स्थायी हेड नहीं
खास बात यह है कि मार्च 2025 में नितिन पटेल के जाने के बाद से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्पोर्ट्स साइंस विभाग का कोई स्थायी हेड नहीं है. ऐसे में खिलाड़ियों की फिटनेस व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
वापसी के बाद चोटिल होने से बढ़ी चिंता
बीसीसीआई की सबसे बड़ी चिंता खिलाड़ियों के रिटर्न-टू-प्ले प्रोटोकॉल को लेकर है. हर्षित राणा के वापसी के तुरंत बाद फिर चोटिल होने से इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं. बोर्ड यह समझना चाहता है कि क्या खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट होने के बाद ही मैदान पर उतारा जा रहा है. देवजीत सैकिया और वीवीएस लक्ष्मण की बैठक में रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया और खिलाड़ियों की फिटनेस से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.
चयन समिति और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तालमेल पर सवाल
बीसीसीआई के सामने एक और बड़ी चिंता सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और चयन समिति के बीच तालमेल को लेकर है. टीम चयन के लिए खिलाड़ियों की फिटनेस की सही और समय पर जानकारी मिलना जरूरी है. हाल ही में जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन के श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में खेलने की उम्मीद थी, लेकिन दोनों को अंतिम समय पर बाहर होना पड़ा.
चयनकर्ता को तलाशने पड़े विकल्प
इसके बाद चयनकर्ताओं को उनके विकल्प तलाशने पड़े. इससे खिलाड़ियों की फिटनेस, रिहैब प्रक्रिया और चयन के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत साफ दिखाई देती है.