रेडियो से टीवी और ऑटो तक… खून सुने जाते थे 90s के ये 7 गाने, कोई इश्क तो कोई दर्द का कराता है एहसास
Evergreen Bollywood Songs: 90 का दशक केवल रंगीन टीवी और कैसेट का नहीं था. ये दौर उन गानों का भी था, जो दिल की धड़कनों के साथ चलते थे. कभी रेडियो पर अचानक कोई ऐसी धुन बजने लगती, जो पुरानी यादों को ताजा कर देती थीं. वहीं कभी टीवी या ऑटो में वही गाना सुनकर सफर थोड़ा और खूबसूरत सा लगने लगता. उस दौर के कुछ ऐसे गाने थे, जिनमें इश्क की मिठास भी थी और जुदाई का दर्द भी. आज भी इन गानों की धुन कानों में पड़ते ही 90 के दशक की वही दुनिया आंखों के सामने घूमने लगती है. आइए जानते हैं उन 7 सदाबहार गानों के बारे में, जिन्हें उस दौर में लोग बार-बार सुनना पसंद करते थे.
पहला नशा, पहला खुमार
'पहला नशा, पहला खुमार' 90 के दशक का एक बेहतरीन गाना था, जो 1992 में आई फिल्म 'जो जीता वही सिकंदर' का गाना था. फिल्म रिलीज के बाद ये गाना लोगों की जुबान पर था. इसे उदित नारायण और साधना सरगम ने आवाज दी थी. वहीं मजरूह सुल्तानपुरी ने इसके बोल लिखे और जतिन-ललित ने संगीत दिया था. ये गाना पहली मोहब्बत की मासूमियत, उत्साह और खुमार को बेहद खूबसूरती से बयां करता है.
दिल है के मानता नहीं
1992 में आई फिल्म 'दिल है कि मानता नहीं' का टाइटल सॉन्ग 'दिल है कि मानता नहीं' पुराने समय में रोमांटिक प्लेलिस्ट का खास हिस्सा हुआ करता था. इस गाने को कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल की आवाज ने और मधुर बना दिया. यह गीत दिल की उस हालत को बयां करता है, जब प्यार में पड़े इंसान को दुनिया की कोई दलील समझ नहीं आती.
चुरा के दिल मेरा
90 के दशक में रोमांटिक गानों की बात हो तो ‘चुरा के दिल मेरा’ आज भी लोगों के जहन में है. ये गाना फिल्म 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी का' है. इस गाने में छिपी शरारत और नोकझोंक को बेहद खूबसूरती से पिरोया गया है. इस गाने की लोकप्रियता अब तक कम नहीं हुई है. इसकी धुन और बोल सुनते ही लोग आज भी पुरानी यादों में लौट जाते हैं.
तड़प-तड़प के
90 के दशक में अगर किसी गाने ने टूटे हुए दिल की आवाज को पर्दे पर उतारा, तो वह था 'तड़प-तड़प के इस दिल से' गाना था. हम दिल दे चुके सनम फिल्म का ये गाना प्यार के अधूरे रह जाने और जुदाई की टीस को इतनी शिद्दत से महसूस कराया गया कि यह सीधे लोगों के दिल तक पहुंच गया. ये गाना केके ने गाया था. उनकी दर्द भरी आवाज ने लोगों को भावुक कर दिया था.
टिप-टिप बरसा पानी
90 के दशक में टिप-टिप बरसा पानी गाना रोमांटिक गानों की लिस्ट में आता था. फिल्म मोहरा का यह गाना उस दौर के सबसे चर्चित रोमांटिक गाना था. उदित नारायण और अलका याग्निक की आवाज, बारिश का मौसम और पर्दे पर अक्षय कुमार-रवीना टंडन की केमिस्ट्री ने इस गाने को यादगार बना दिया था. आज भी कपल्स के बीच ये गाना फेमस है.
मेरा दिल भी कितना पागल है
90 के दशक में साजन फिल्म के गाने काफी मशहूर हुए थे. इनमें से एक गाना था 'मेरा दिल भी कितना पागल है'. ये गाना प्यार में डूबे उस दिल की कहानी कहता है, जो भावनाओं को लाख समझाने की कोशिश करे लेकिन मोहब्बत के आगे उसकी एक नहीं चलती. इस गाने को कुमार सानू और अलका याग्निक ने आवाज दी थी.
अभी जिंदा हूं तो जी लेने दो
1995 में आई फिल्म नाजायज में नसीरुद्दीन का एक गाना 'अभी जिंदा हूं, तो जी लेने दो' काफी मशहूर हुआ था. इस गाने में जिंदगी को अपने अंदाज में जीने का जज्बा भी सुनाई देता था. कुमार सानू की आवाज ने इसे और भी यादगार बना दिया.