दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. जून 2020 में मुंबई में हुई दिशा सालियान की मौत को लेकर पिछले कई वर्षों से अलग-अलग दावे और सवाल सामने आते रहे हैं. अब बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है और 13 सितंबर को एफआईआर दर्ज होने के बाद विवाद ने फिर जोर पकड़ लिया है. इसी बीच दिशा के पिता की ओर से दिए गए बयान और एफआईआर में आदित्य ठाकरे समेत कुछ अन्य नामों का जिक्र होने की खबरों ने राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा को और तेज कर दिया है.
अब तक आदित्य ठाकरे इस मामले में अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते रहे हैं. लेकिन ताजा घटनाक्रम के बीच उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बार फिर इस पूरे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने दिशा सालियान से अपने किसी भी संबंध से इनकार किया और पिछले कई वर्षों से अपना नाम इस मामले से जोड़े जाने पर सवाल उठाए. आखिर आदित्य ठाकरे ने अब क्या कहा और उन्होंने छह साल पुराने इस विवाद को लेकर कौन-सी बात सामने रखी?
‘मैं दिशा सालियान को नहीं जानता’
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर अपनी बात रखी है. उन्होंने 16 सितम्बर को जारी एक पोस्ट में लिखा, ‘अफवाहों का धुआं उड़ाना बंद करने के लिए एक बार फिर सिर्फ और सिर्फ तथ्य सामने रख रहा हूं.
‘मैं दिशा सालियान से कभी नहीं मिला और न ही मेरी उनसे कोई पहचान थी. पिछले 6 वर्षों से कुछ लोगों की ओर से राजनीतिक मकसद, व्यक्तिगत द्वेष और चरित्रहनन के इरादे से बार-बार इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से मेरा नाम जोड़ने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है, जबकि इसका मुझसे कोई संबंध या सबूत नहीं है.’

‘बिना किसी तथ्य और सच्चाई के लगातार चलाया जा रहा झूठा’
उन्होंने आगे लिखा ‘बिना किसी तथ्य और सच्चाई के लगातार चलाया जा रहा यह झूठा अभियान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. टीवी चैनलों पर शोर-शराबे के साथ होने वाली झूठी चर्चाएं और मीडिया ट्रायल सच्चाई को नहीं बदल सकते.’
‘मैं चाहता हूं कि आधिकारिक एजेंसियां बिना किसी दबाव, राजनीतिक हस्तक्षेप, चरित्रहनन या पक्षपात के इस मामले की एक बार फिर निष्पक्ष तरीके से जांच करें.’
‘एक बार फिर कहना चाहता हूं कि अगर किसी को लगता है कि इस तरह के चरित्रहनन और झूठे प्रचार के जरिए हमें चुप कराया जा सकता है, तो यह उनकी गलतफहमी है.’
आदित्य ठाकरे ने अपनी बात ख़त्म करते हुए कहा, ‘सच्चाई के लिए और अन्याय के खिलाफ, देशवासियों को साथ लेकर हमारा संघर्ष जारी रहेगा.’