विवादों के बाद इन फिल्मों के बदलने पड़े नाम, एक के लिए तो जला दिये गये सिनेमाघर, देखें लिस्ट
Bollywood Movies: बॉलीवुड में आए दिन फिल्में रिलीज होती रहती हैं. कुछ फिल्मों के तो रिलीज होने के बाद इतना बवाल हुआ कि मेकर्स को उनके नाम तक बदलने पड़े. इस लिस्ट में कई मशहूर फिल्म शामिल हैं. एक फिल्म तो ऐसी थी, जिसके लिए सिनेमाघरों को भी जला दिए गए थे.
सत्यप्रेम की कथा
फिल्म 'सत्यप्रेम की कथा' का रिलीज होने से पहले नाम 'सत्यनारायण की कथा' रखा गया था. इसके बाद इसका जमकर विरोध हुआ और आरोप लगे थे कि फिल्म का शीर्षक आपत्तिजनक है. इसके बाद, किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के लिए निर्माताओं ने इसे बदलने का फैसला किया. एक साल बाद, निर्माताओं ने नया शीर्षक 'सत्यप्रेम की कथा' घोषित किया.
पद्मावत
साल 2017 में संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित और दीपिका पादुकोण अभिनीत फिल्म 'पद्मावती' के खिलाफ करणी सेना ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था. कई दिनों तक चले हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद, फिल्म का नाम बदलकर 'पद्मावत' कर दिया गया था. प्रदर्शन के दौरान कई सिनेमाघरों को जला दिया गया था.
लक्ष्मी
अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म 'लक्ष्मी बॉम्ब' के पहले नाम को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के सुझाव पर बदलकर 'लक्ष्मी' कर दिया गया था. विरोध के दौरान कहा गया कि 'लक्ष्मी बॉम्ब' नाम देवी लक्ष्मी का अपमान करता है और भावनाओं को ठेस पहुंचाता है. इसके बाद मेकर्स ने इसका नाम बदला था.
गोलियों की रासलीला: राम-लीला
संजय लीला भंसाली अक्सर अपनी फिल्मों के शीर्षक को लेकर विवादों में घिर जाते हैं. 'रामलीला' इसका एक और उदाहरण है.रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण अभिनीत इस फिल्म को लेकर भी एसएलबी को विरोध का सामना करना पड़ा था. इस फिल्म का नाम 'रामलीला' से बदलकर 'गोलियों की रासलीला: राम-लीला' कर दिया गया था.
बिल्लू
शाहरुख खान की फिल्म 'बिल्लू बार्बर' को भी शीर्षक को लेकर विवाद का सामना करना पड़ा. मुंबई के नाई समुदाय के एक प्रतिनिधि, जो अपने पारंपरिक पेशे में सफल रहे हैं, ने अपने समुदाय को नाई कहे जाने पर आपत्ति जताई. बाद में फिल्म का नाम बदलकर 'बिल्लू' कर दिया गया था.
लवयात्री
आयुष शर्मा के बॉलीवुड डेब्यू पर, उनके और सलमान खान वरीना हुसैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. जिसमें दावा किया गया था कि रोमांटिक फिल्म 'लवरात्रि' से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी. फिर फिल्म का नाम 'लवयात्री' रखा गया था.
मद्रास कैफे
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या पर आधारित जॉन अब्राहम की फिल्म अपने विवादित शीर्षक के कारण भी चर्चा में रही. फिल्म का प्रारंभिक नाम 'जाफना' था. इस फिल्म का नाम बाद में बदलकर 'मद्रास कैफे' किया गया था.