Noida News: नोएडा स्पेशल टास्क फोर्स ने एसएससी का पेपर ऑनलाइन करने वाले एक सेंटर से सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जो कि परीक्षा में राउटर के जरिए प्रोक्सी सर्वर का इस्तेमाल कर ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करते थे. STF ने प्रदीप नाम के युवक को इसके तहत हिरासत में लिया गया है, जो कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड है.
गौरतलब है कि प्रदीप ने मेरठ विश्वविद्यालय से M.com किया है. इसके साथ ही बालाजी डिजिटल जोन के नाम से ऑनलाइन परीक्षा कराये जाने का केन्द्र बनाया गया था. हाल ही में केन्द्र पर कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा को कराया गया था.
STF की जांच में हुए कई सनसनीखेज खुलासे
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी प्रदीप की मुलाकात बागपत के अमित राणा से हुई थी. अमित राणा द्वारा परीक्षा केन्द्र में लगे कंपनी के सर्वर के बाईपास करके प्रोक्सी सर्वर के माध्यम से स्क्रीन शेयरिंग व्यूअर एप्लीकेशन का प्रयोग कर परीक्षा केन्द्र के बाहर से ही सॉल्वर के माध्यम से पेपर सॉल्व करने का तरीका निकाला गया था.
गिरोह के लोगों का बंटा हुआ था काम
जानकारी के अनुसार गिरोह के सभी लोगों का अलग-अलग काम था. सभी उसी के अनुरुप काम को अंजाम देते थे. जैसे कि अरुण नामक युवक जो कि प्रदीप के संपर्क में था, ढाई साल पहले परीक्षा पर्यवेक्षक बनकर आया था और तभी से वह प्रदीप के केन्द्र पर आईटी हेड की नौकरी करने लगा. इसके अलावा संदीप भाटी, विवेक और शाकिर भी इस गिरोह में सक्रिय रुप में कार्यरत थे.
परीक्षार्थियों से वसूली जाती थी मोटी रकम
STF की जानकारी के अनुसार यह गिरोह एक अभ्यर्थी से 4 लाख रुपये की भारी भरकम राशि लेता था, जिसमें 50 हजार रुपये अभ्यर्थियों को लाने वाले दलाल को दिये जाते थे और बाकी रकम गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे. यह गिरोह बहुत समय से सक्रिय रुप में कार्य कर रहा था.
STF ने मारा छापा
एसटीएफ ने छापे के दौरान इनके कब्जे से 50 लाख रुपये नकद, 10 मोबाइल, 5 लैपटाप, एक राउटर, अभ्यर्थियों की एक सूची, दो प्रवेश पत्र और एजुकेटिंग कंपनी की चार एंट्री एंव पहचान पत्र बरामद किए हैं.
STF ने सेंटर से लैपटॅाप और तमाम कंप्यूटर सीज कर दिए हैं. इसके अलावा एसटीएफ ये भी पता लगाने में जुटी है कि ये लोग कितने और अभ्यर्थियों के संपर्क में थे और अब तक कितने लोगों का यह पेपर सॅाल्व करवा चुके हैं.