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पश्चिम बंगाल में आरक्षण पर मचा घमासान, 77 समुदाय OBC आरक्षण से बाहर! कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिसमें OBC आरक्षण से 77 समुदाय को बाहर करने के फैसले पर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है.

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Last Updated: 2026-05-25 17:54:24

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Paschim Bengal News: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिसमें OBC आरक्षण से 77 समुदाय को  बाहर करने के फैसले पर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया. उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में कैबिनेट की बैठक में ओबीसी सूची में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है. नगर मंत्री अग्निमित्रा पॅाल ने कहा कि ओबीसी सूची पर पुनर्विचार किया जाएगा.

सोमवार को नबन्ना में एक प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार के अधीन नौकरियों और पदों मे अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण पर पुनर्विचार कर सकती है. अग्निमित्रा ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय की की खंडपीठ द्वारा 22 मई 2024 के अनुसार सूची में संशोधन किया जा सकता है. 

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दिया फैसला

टीएमसी सरकार के कार्यकाल में राज्य सरकार ने कुल 77 समुदायों को ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के रुप में शामिल करने का निर्णय लिया था. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 2024 में उस निर्णय को खारिज कर दिया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने इस फैसले के खिलाफ सर्वौच्च न्यायालय में एक मामला दायर किया, जिसमें उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी.

न्यायालय ने इस मामले में तर्क दिया कि इन सभी समुदायों को धर्म के आधार पर ओबीसी के रुप में सूचीबद्ध किया गया था. न्यायालय के आदेश के अनुसार, 2010 से जारी किए गए लगभग 5 लाख ओबीसी प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया गया.

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Last Updated: 2026-05-25 17:54:24

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Paschim Bengal News: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिसमें OBC आरक्षण से 77 समुदाय को  बाहर करने के फैसले पर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया. उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में कैबिनेट की बैठक में ओबीसी सूची में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है. नगर मंत्री अग्निमित्रा पॅाल ने कहा कि ओबीसी सूची पर पुनर्विचार किया जाएगा.

सोमवार को नबन्ना में एक प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार के अधीन नौकरियों और पदों मे अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण पर पुनर्विचार कर सकती है. अग्निमित्रा ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय की की खंडपीठ द्वारा 22 मई 2024 के अनुसार सूची में संशोधन किया जा सकता है. 

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दिया फैसला

टीएमसी सरकार के कार्यकाल में राज्य सरकार ने कुल 77 समुदायों को ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के रुप में शामिल करने का निर्णय लिया था. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 2024 में उस निर्णय को खारिज कर दिया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने इस फैसले के खिलाफ सर्वौच्च न्यायालय में एक मामला दायर किया, जिसमें उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी.

न्यायालय ने इस मामले में तर्क दिया कि इन सभी समुदायों को धर्म के आधार पर ओबीसी के रुप में सूचीबद्ध किया गया था. न्यायालय के आदेश के अनुसार, 2010 से जारी किए गए लगभग 5 लाख ओबीसी प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया गया.

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