अनूठी लव स्टोरी से लेकर सिख दंगों तक, गुलजार साहब की 6 कल्ट क्लासिक फिल्में, एक पर तो इमरजेंसी के टाइम लग गया था ‘प्रतिबंध’
गुलज़ार (Gulzar) के लिखे गाने, कवितायें और शायरियों के तो बहुत लोग दीवाने है, लेकिन बेहद कम लोगों को ही इस बात की जानकारी है कि गुलज़ार ने कई बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन भी किया है. गुलज़ार साहब की बनाई फिल्में बेहद अलग विषयों पर बनाई हुई हैं और अंतर्मन की भावनाओं को गहराई से छूती हैं. इन फिल्मों में प्यार के कई रूप से लेकर सिख दंगों की पीड़ा तक सभी को एक अलग ढंग से दिखाने की कोशिश की गयी है. आइये जानते हैं उनकी बनाई हुई कुछ फिल्मों के बारे में:
इजाजत
1987 में बनी यह फिल्म सुबोध घोष की बंगाली कहानी ' जातुगृह' पर आधारित है. इस फिल्म ने दो लोगों के प्रेम को काफी अलग ढंग से दिखाया है. यह फिल्म भारत में समानांतर सिनेमा के नाम से जानी जाने वाली आर्ट-हाउस शैली की है और इसने संगीत श्रेणी में दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीते थे.
लेकिन
इस फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज होने में चार साल लगे. इस फिल्म का निर्देशन गुलजार ने किया था जबकि इसकी निर्माता हाल ही में दिवंगत हुई गायिका आशा भोसले की बड़ी बहन लता मंगेशकर ने किया था. इस फिल्म का गाना 'यारा सीली सीली' आज भी बेहद लोकप्रिय है.
आंधी
यह फिल्म तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन और उनके अलग हो चुके पति के साथ उनके संबंधों पर आधारित है, लेकिन वास्तव में, केवल फिल्म का लुक ही राजनीतिज्ञ तारकेश्वरी सिन्हा और इंदिरा गांधी से प्रेरित था. इमरजेंसी के टाइम इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, बाद में इसे टीवी पर प्रसारित किया गया.
माचिस
यह फ़िल्म 1980 के दशक के मध्य पंजाब में सिख विद्रोह के समय में एक सामान्य व्यक्ति के आतंकवादी बन जाने के सफर पर केंद्रित है. इस फिल्म के गाने 'चपा-चपा चरखा चले' और 'छोड़ आये हम' आज भी काफी लोकप्रिय है.
कोशिश
यह फिल्म एक मूक-बधिर जोड़े की शादी और उनके संघर्षों को दिखाती है. यह एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है जिसमें संजीव कुमार और जया भादुरी ने अभिनय किया है.
परिचय
1972 में बनी एक भारतीय हिंदी भाषा की ड्रामा फिल्म है , जिसका निर्माण वी.के. सोबती ने तिरुपति पिक्चर्स बैनर के तहत किया था और निर्देशन गुलज़ार ने किया था.