गर्म पानी से नहाएं या ठंडे से? जानें किस जरूरत में कौन सा पानी हो सकता है बेहतर
Shower tips: गर्म पानी से नहाने पर शरीर को आराम मिलता है, जबकि ठंडे पानी से नहाने के बाद ताजगी महसूस होती है.लेकिन क्या सच में रोज नहाने के लिए कोई एक तापमान सबसे सही है? ऐसा जरूरी नहीं है. पानी का तापमान शरीर, त्वचा और नहाने के उद्देश्य के हिसाब से अलग असर डाल सकता है. इसलिए गर्म और ठंडे पानी के फायदे के साथ यह समझना भी जरूरी है कि कब किससे बचना चाहिए.
गर्म पानी या ठंडा पानी, नहाने के लिए क्या चुनें?
नहाने के लिए गर्म पानी बेहतर है या ठंडा, यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है. इसका जवाब सिर्फ मौसम से तय नहीं होता. पानी का तापमान शरीर पर अलग-अलग असर डाल सकता है. गर्म पानी से मांसपेशियों को आराम महसूस हो सकता है, जबकि ठंडा पानी कुछ लोगों को ज्यादा फ्रेश और अलर्ट महसूस करा सकता है. ऐसे में अपनी जरूरत और शरीर की प्रतिक्रिया के हिसाब से पानी का तापमान चुनना जरूरी है.
गर्म पानी से नहाने पर क्यों मिलता है आराम?
दिनभर की थकान और मांसपेशियों की अकड़न के बाद गुनगुना या आरामदायक गर्म पानी शरीर को रिलैक्स महसूस कराने में मदद कर सकता है. गर्माहट मांसपेशियों के तनाव को कम महसूस कराने और नहाने के दौरान आराम देने वाली हो सकती है. लंबे समय तक काम करने या शारीरिक गतिविधि के बाद कई लोगों को गर्म शॉवर इसलिए पसंद आता है.
नाक बंद हो तो गर्म पानी से मिल सकता है अस्थायी आराम
गर्म शॉवर के दौरान पैदा होने वाली भाप से नाक बंद होने पर कुछ लोगों को थोड़ी देर के लिए आराम महसूस हो सकता है. हालांकि इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए. खास बात यह है कि पानी बहुत गर्म न हो. अगर नहाते समय त्वचा लाल होने लगे, जलन हो या त्वचा खिंची हुई महसूस हो तो पानी का तापमान कम कर देना चाहिए.
बहुत गर्म पानी से त्वचा को हो सकता है नुकसान
आराम देने वाला गर्म पानी और बहुत ज्यादा गर्म पानी एक जैसी चीज नहीं हैं. बहुत गर्म पानी त्वचा के प्राकृतिक तेल को कम कर सकता है, जिससे त्वचा रूखी, खिंची हुई या खुजली वाली महसूस हो सकती है. खासतौर पर ड्राई स्किन वाले लोगों को नहाने के बाद ऐसी परेशानी ज्यादा महसूस हो सकती है. इसलिए बहुत गर्म पानी के बजाय गुनगुना पानी और ज्यादा लंबे शॉवर से बचना बेहतर है.
ठंडे पानी से नहाने पर क्यों महसूस होती है ताजगी?
ठंडे पानी का शॉवर शरीर को तुरंत अलर्ट और फ्रेश महसूस करा सकता है. खासकर गर्म मौसम में या एक्सरसाइज के बाद कुछ लोगों को ठंडे पानी से नहाना काफी रिफ्रेशिंग लगता है. सुबह बहुत ज्यादा नींद या सुस्ती महसूस होने पर ठंडा पानी कुछ लोगों को ज्यादा जागा हुआ महसूस करा सकता है. हालांकि बेहद ठंडे पानी का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है.
जरूरत से ज्यादा ठंडा पानी भी ठीक नहीं
ठंडे पानी का मतलब बेहद ठंडा पानी नहीं है. बहुत कम तापमान वाला पानी अचानक शरीर पर पड़ने से कुछ लोगों को असहजता हो सकती है. इसलिए ठंडे शॉवर का तापमान ऐसा रखें जिसे शरीर आराम से सहन कर सके. नहाते वक्त चक्कर, सांस लेने में परेशानी या दूसरी असहजता महसूस हो तो तुरंत शॉवर बंद कर सुरक्षित तापमान अपनाना चाहिए.
रोज कौन सा पानी चुनें?
हर दिन हर व्यक्ति के लिए एक ही तापमान सही हो, ऐसा जरूरी नहीं है. अगर आपका लक्ष्य मांसपेशियों को आराम देना है तो गुनगुना पानी आपके लिए ज्यादा आरामदायक हो सकता है. वहीं, अगर आप नहाने के बाद ज्यादा फ्रेश और अलर्ट महसूस करना चाहते हैं तो ठंडा पानी चुन सकते हैं. मौसम, गतिविधि और आपकी त्वचा की स्थिति को भी ध्यान में रखना चाहिए.