IND vs PAK: ‘जब बल्ला चलता है तो…’, पाकिस्तान के खिलाफ एशियन गेम्स फाइनल से पहले Ishan Kishan का बड़ा बयान!
जब आपके पास प्रतिभा हो और आपका बल्ला बोले, तो खिलाड़ी न तो पिच का मोहताज होता है और न ही परिस्थितियों का. एक बल्लेबाज का काम रन बनाना है, और जब वह इस भूमिका को बेहतरीन तरीके से निभाता है, तो प्रशंसा और सम्मान खुद-ब-खुद मिलने लगते हैं. एशियन गेम्स में श्रीलंका के खिलाफ मैच जिताऊ पारी खेलने के बाद, ईशान ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की.
मैच का माहौल और टीम का लक्ष्य
ईशान किशन ने कहा कि यह मैच एक कठिन पिच पर खेला गया था जिसने बल्लेबाजी के लिए बड़ी चुनौती पेश की, फिर भी इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने आज अपने खेल का स्तर अलग ही ऊंचाई पर पहुंचा दिया. ईशान ने बताया कि टीम के लिए एक अच्छा स्कोर बनाना बहुत जरूरी था, खासकर यह देखते हुए कि उनकी टीम में चार स्पिनर शामिल थे. सुरक्षा के लिहाज से कम से कम 150 रन बनाना बेहद जरूरी था, इसलिए लक्ष्य किसी भी तरह उस आंकड़े तक पहुंचना था.
मुश्किल पिच पर शॉट का चयन
ईशान ने समझाया कि उन्होंने परिस्थिति की जरूरत के हिसाब से शॉट खेले. पिच काफी चकमा देने वाली थी और कभी-कभी उनका आत्मविश्वास भी डगमगा रहा था; हालांकि, टीम की योजना यह थी कि जो भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक जाए, उसे पूरे 20 ओवर तक खेलना चाहिए ताकि एक मजबूत स्कोर बन सके.
सेट बल्लेबाज की भूमिका
चूंकि किसी नए बल्लेबाज के लिए अचानक आकर बड़े शॉट खेलना कठिन होता है, इसलिए उन्होंने तय किया कि सेट बल्लेबाज को ही रन बनाने की पूरी जिम्मेदारी उठानी चाहिए और अंत तक क्रीज पर टिके रहना चाहिए.
आगामी फाइनल और रणनीति
फाइनल के बारे में बात करते हुए ईशान ने कहा कि अगला मुकाबला डिफेंडिंग गोल्ड मेडल चैंपियंस के खिलाफ है, इसलिए सोच बिल्कुल सरल रखनी होगी—ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है. आज वे परिस्थितियों के अनुसार खेले, यह जानते हुए कि पिच आसान नहीं होगी और विपक्षी टीम स्पिन के अनुकूल खेलने वाली टीम है. मुख्य बात यही है कि वर्तमान पल में रहें और इस अनुभव का आनंद लें.
देश के लिए पदक जीतने का अहसास
भारत के लिए खेलना, खासकर पदक के लिए, दिल में एक अलग ही भावना जगाता है. आसपास इतने सारे लोगों, झंडों और चीयर करती भीड़ को देखकर अंदर एक अनोखा उत्साह भर जाता है. हालांकि टीम मजबूत है, फिर भी एक अतिरिक्त दबाव महसूस होता है.
स्थानीय लोगों और प्रशंसकों का समर्थन
यहां के लोग बहुत मददगार हैं; भाषा की रुकावट होने के बावजूद वे हमेशा मदद के लिए तैयार रहते हैं. मैचों के दौरान भी वे जो भी सहायता चाहिए, उपलब्ध कराते हैं. यह बहुत मायने रखता है. भारतीय टीम दुनिया में जहां भी जाती है, फैंस हमेशा हमारे साथ होते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि हम जहां भी जाएं, भारतीय समर्थक मौजूद रहते हैं, जिससे हमें थोड़ा फायदा मिलता है. मैं सभी प्रशंसकों का धन्यवाद करना चाहता हूं; चाहे हम जीतें या हारें, वे हमेशा हमारा समर्थन करते हैं और हमें सहज महसूस कराने में मदद करते हैं, जो कि सबसे महत्वपूर्ण बात है.