Live TV
Search
  • Home>
  • Photos»
  • चेहरे पर खौफ, अंदाज में रौब… थिएटर से शुरू हुआ सफर, फिर ‘शाकाल’ बनकर मचाया तहलका, जानें कौन हैं वो

चेहरे पर खौफ, अंदाज में रौब… थिएटर से शुरू हुआ सफर, फिर ‘शाकाल’ बनकर मचाया तहलका, जानें कौन हैं वो

Kulbhushan Kharbanda: हिंदी सिनेमा में कुछ किरदार ऐसे होते हैं, जिन्हें देखकर दर्शकों के मन में डर बैठ जाता है. फिल्म ‘शान’ का शाकाल भी ऐसा ही एक किरदार था. गंजा सिर, चेहरे पर ठंडा भाव और दुश्मनों को डराने वाला अंदाज… शाकाल को देखकर शायद ही कोई सोच सकता था कि इसे निभाने वाला अभिनेता असल जिंदगी में बिल्कुल सहज और मिलनसार स्वभाव का है. इस किरदार को कुलभूषण खरबंदा ने इतनी खूबसूरती से निभाया कि उनकी पहचान ही बन गया.

Last Updated: October 21, 2026 | 7:19 PM IST
Became known as Shakaal - Photo Gallery
1/5

शाकाल के नाम से मशहूर हुए

1980 की फिल्म शान में कुलभूषण खरबंदा ने शाकाल का किरदार निभाया था. उनका शांत लेकिन खतरनाक अंदाज दर्शकों के दिलों में छाप छोड़ गया. पर्दे पर भले ही वह अपराध की दुनिया के ताकतवर शख्स नजर आए लेकिन निजी जिंदगी में उनकी छवि इससे बिल्कुल अलग रही. यही उनकी अदाकारी की खासियत थी कि वह बिना ज्यादा शोर किए किरदार में जान डाल देते थे.

Joined theatre during college days - Photo Gallery
2/5

कॉलेज के दिनों में थिएटर से जुड़े

कुलभूषण की अभिनय यात्रा फिल्मों से नहीं बल्कि थिएटर से शुरू हुई. दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज में पढ़ाई के दौरान वह अभियान नाम के थिएटर ग्रुप से जुड़े. इसके बाद उन्होंने यात्रिक और कोलकाता के पदातिक थिएटर ग्रुप के साथ भी काम किया. मंच पर काम करते हुए उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं और अलग-अलग किरदारों को समझने का मौका पाया.

Shyam Benegal's films brought him distinct recognition - Photo Gallery
3/5

श्याम बेनेगल की फिल्मों ने दिलाई खास पहचान

कुलभूषण खरबंदा को 1975 में आई श्याम बेनेगल की फिल्म निशांत से पहचान मिली. इसके बाद मंथन, भूमिका और जुनून जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को सराहा गया. उन्होंने महेश भट्ट की फिल्म अर्थ में ऐसे किरदार को निभाया, जो रिश्तों और भावनाओं के टकराव से जुड़ा था. शबाना आजमी और स्मिता पाटिल जैसे कलाकारों के बीच उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई. इस फिल्म ने उनके अभिनय के एक और पहलू को सामने रखा.

Impression from Lagaan to Jodha Akbar - Photo Gallery
4/5

लगान से जोधा अकबर तक छाप

कुलभूषण ने अपने करियर में एक ही तरह के किरदारों पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग भूमिकाएं चुनीं. जो जीता वही सिकंदर, मॉनसून वेडिंग, लगान और जोधा अकबर जैसी फिल्मों में नजर आकर उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया.

Returned to the stage after nearly 20 years - Photo Gallery
5/5

करीब 20 साल बाद फिर मंच पर लौटे

फिल्मों में लंबे समय तक काम करने के बाद कुलभूषण ने थिएटर से दूरी बना ली थी लेकिन मंच से उनका जुड़ाव खत्म नहीं हुआ. करीब दो दशक बाद वह आत्मकथा नाटक के जरिए थिएटर में लौटे. उनकी यह वापसी दिखाती है कि अभिनय के प्रति उनका लगाव आज भी कितना गहरा है.

More News