पद्मावत के जौहर सीन से पहले, भारतीय सेना का भी अपमान कर चुकी हैं स्वरा भास्कर, जानिए उनके 6 विवाद
Swara Bhasker controversies: स्वरा भास्कर अक्सर अपनी बेबाक राय और विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं. हाल ही में ‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर की गई टिप्पणी के कारण चर्चा में रहीं. वे अपनी पुरानी टिप्पणी के कारण फिर चर्चा में आ गई हैं. हालांकि स्वरा ने अब सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को ‘कायर’ नहीं कहा बल्कि फिल्म के संदेश पर सवाल उठाया था. हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है, जब स्वरा भास्कर किसी बयान के कारण विवादों में आई हों. आइए जानते हैं उनसे जुड़े ऐसे ही 5 बड़े विवादों के बारे में, जो काफी सुर्खियों में रहे.
पद्मावत पर विवादित बयान
साल 2018 में फिल्म 'पद्मावत' देखने के बाद स्वरा भास्कर ने विवादित बयान दिया था. उन्होंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था. इस लेटर में उन्होंने लिखा था कि फिल्म देखने के बाद वे 'सिर्फ एक योनि तक सीमित महसूस कर रही थीं.' एक इवेंट के दौरान उन्होंने फिर इस बात को उठाया. उन्होंने सितंबर 2026 में दिल्ली के एक इवेंट के दौरान फिर से भड़क उठा. वीडियो वायरल होने के बाद मामला और विवाद में आ गया. उन पर आरोप लगा कि उन्होंने जौहर करने वाली राजपूत महिलाओं को 'कायर' कहा है. इसके बाद करणी सेना ने उन्हें धमकी दी. इस पर स्वरा ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा बल्कि उनका रेप सर्वाइवर्स के जीने के अधिकार को सही ठहराना था.
पाकिस्तान को बताया खूबसूरत और फिर यू-टर्न
पाकिस्तान में स्वरा भास्कर की फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' को बैन कर दिया गया था, जिसके स्वरा ने उसे असफल देश बताया था. इसके वायरल होने के बाद यूजर्स ने उनके पुराने टीवी शो की एक क्लिप निकालकर शेयर की, जिसमें वे पाकिस्तान को 'दुनिया का सबसे बेहतरीन और मेहमाननवाज देश' बता रही थीं. इसके कारण उन्हें काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा.
हमास और याह्या सिनवार का समर्थन
अक्तूबर 2024 में हमास के प्रमुख नेता याह्या सिनवार की मौत हो गई, जिसके बाद स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया पर उन्हें समर्थन करते हुए विवादित बयान दिया. उन्होंने सिनवार को क्रांतिकारी नायक बताया. एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घोषित आतंकवादी को नायक बताने के कारण उनकी काफी निंदा की गई.
हिजाब विवाद
साल 2022 में कर्नाटक में हिजाब विवाद काफी जोरों पर चल रहा था. तब स्वरा भास्कर ने ट्वीट कर इसकी तुलना महाभारत के द्रौपदी चीरहरण से की थी. उन्होंने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, 'जैसे द्रौपदी के वस्त्र हरण के समय सभा में बैठे बुद्धिजीवी चुप थे, वैसे ही आज हिजाब उतरवाए जाने पर लोग शांत हैं.' इस बयान ने काफी तूल पकड़ा और धार्मिक ग्रंथों और भावनाओं का अपमान बताया. इस दौरान उनके खिलाफ केस दर्ज करने तक की मांग उठी थी.
'द कश्मीर फाइल्स'
साल 2022 में उन पर कश्मीरी पंडितों के दर्द का मजाक उड़ाने का आरोप लगा था. दरअसल, कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन पर आधारित विवेक अग्निहोत्री की फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' की सफलता के बाद स्वरा ने बयान दिया था. उन्होंने बिना नाम लिखे ट्वीट किया कि लोग नफरत फैलाने वाली चीजों को बढ़ावा दे रहे हैं. इस ट्वीट के कारण लोगों ने उन पर कश्मीरी पंडितों के दर्द का मजाक उड़ाने का आरोप लगाते हुए खरी-खोटी सुनाई थी.
मेजर जनरल जी. डी. बख्शी पर बयान
स्वरा भास्कर ने मेजर जनरल जी. डी. बख्शी को नेशनल एम्बैरेसमेंट बताया था. उन्होंने एक टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पोस्ट के दौरान कारगिल युद्ध के नायक और सेवानिवृत्त मेजर जनरल जी. डी. बख्शी पर टिप्पणी करते हुए उन्हें 'नेशनल एम्बैरेसमेंट' यानी देश के लिए शर्मिंदगी बताया था. सेना के एक सम्मानित और मेडल विजेता अधिकारी के खिलाफ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने पर लोगों ने आपत्ति जताई थी और इसे सेना और उनके अधिकारियों का अपमान बताया था.