Bengal BJP CM: बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन? BJP के इन 4 नामों पर टिकी सबकी नजर
Bengal BJP CM: पश्चिम बंगाल के 2026 विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है. पहली बार सत्ता में आई BJP अब अपने मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चर्चा में है. सबसे ज्यादा सुर्खियों में Suvendu Adhikari का नाम है, जिन्होंने भवानीपुर सीट पर Mamata Banerjee को हराकर सबको चौंका दिया. उनके अलावा पार्टी के कुछ और वरिष्ठ नेता भी इस दौड़ में शामिल माने जा रहे हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. अब सबकी नजर BJP के अंतिम फैसले पर टिकी है कि आखिर कौन वो चेहरा होगा जो पश्चिम बंगाल की कमान संभालेगा और राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू करेगा.
बंगाली ही होगा CM (बोले अमित शाह)
बता दें कि पार्टी ने अपनी रैलियों के दौरान यह साफ कर दिया था कि इस बार राज्य का मुख्यमंत्री निश्चित रूप से कोई बंगाली ही बनेगा . गृह मंत्री अमित शाह खुद पहले ही इस बात की जानकारी दे चुके हैं.
प्रधानमंत्री ने खुद की रैलियां
प्रधानमंत्री ने खुद पूरे राज्य में रैलियां की थीं. बता दें कि पिछले एक महीने में, PM मोदी ने एक आम पार्टी कार्यकर्ता जैसी लगन और जोश के साथ लगातार प्रचार किया है. वहीं आज उनकी मेहनत पूरी तरह से रंग लाई है. वहीं अब हम आपको बताएंगे की बंगाल का मुख्यमंत्री कौन बन सकता है और कौन कौन इस रेस में शामिल है.
सुवेंदु अधिकारी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा जिस नाम की चर्चा रही है वो है सुवेंदु अधिकारी. बता दें कि मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों की सूची में सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे ऊपर देखा जा रहा है. ऐसे इसलिए क्योंकि जमीनी राजनीति की उनकी गहरी समझ और उनका व्यापक सांगठनिक नेटवर्क है.
दिलीप घोष
BJP में जिस दूसरे नाम की सबसे ज़्यादा चर्चा है, वो है पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष. दरअसल, पार्टी संगठन के भीतर उनकी पकड़ अभी भी काफी मज़बूत बनी हुई है. जिसकी वजह पार्टी उन्हें बंगाल का मुख्यमंत्री बना सकती है.
अग्निमित्रा पॉल और रूपा गांगुली
पेशे से फ़ैशन डिज़ाइनर अग्निमित्रा पॉल के अलावा, पार्टी मुख्यमंत्री का पद रूपा गांगुली को भी सौंप सकती है, जो राज्यसभा की पूर्व सांसद हैं और अभी सोनारपुर दक्षिण से विधायक हैं.
सामिक भट्टाचार्य
वहीं फिर तीसरा नाम है सामिक भट्टाचार्य! बता दें कि बंगाल में BJP के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल दावेदारों में से एक हैं. पार्टी यह ज़िम्मेदारी उन्हें सौंपने का फ़ैसला कर सकती है, खासकर यह देखते हुए कि इन विधानसभा चुनावों में पार्टी को उन्हीं के नेतृत्व में जीत मिली थी.