Odisha News: ओडिशा में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें विजिलेंस विभाग ने धर्मगढ़ आर एंड बी सब-डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर भुवनेश्वर सबर के ठिकानों पर भारी मात्रा में संपत्ति का खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि कभी 6 हजार रुपये मासिक वेतन से नौकरी शुरू करने वाले इंजीनियर के पास अब 97 प्लॉट और करोड़ो की संपत्ति मौजूद है.
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार आरोपी इंजीनियर के नाम पर करीब 83 एकड़ जमीन, 17 एकड़ में फैले दो फार्महाउस, कई बहुमंजिला इमारतें और एक मार्केट कॅाम्पलेक्स का पता चला है. इसके अलावा बैंक जमा राशि, नकदी और एक लग्जरी कार भी बरामद की गई है.
1999 में की थी नौकरी की शुरुआत
जानकारी के मुताबिक भुवनेश्वर सबर ने वर्ष 1999 में कनिष्ठ अभियन्ता के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी. शुरुआती वेतन मात्र 6 हजार रुपये था. बाद में विभिन्न पदों पर काम करते हुए वे एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बने और धीरे-धीरे भ्रष्टाचार में लिप्त होकर अपनी संपत्ति को बढाते चले गए.
विजिलेंस विभाग की 6 टीमों ने एक साथ मारे छापे
भवानीपटना स्थित सरकारी आवास, कार्यालय और पैतृक गांव समेत छह अलग-अलग जगहों पर एक साथ कार्रवाई की गई. इस दौरान डीएसपी, इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारियों की टीम जांच में शामिल रही.
पूछताछ में संपत्ति का हिसाब नहीं दे सके अधिकारी
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में इंजीनियर अपनी संपत्तियों के स्रोत को लेकर आशाजनक जवाब नहीं दे सके. इसके बाद आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया.
जांच जारी, और अधिक खुलासों की संभावना
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे भी अन्य निवेश व संपत्तियों का पता चल सकता है. इस कार्रवाई के बाद पूरे राज्य में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.