भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को इंटरनेशनल क्रिकेट समेत सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया. 38 साल के रहाणे ने अपने फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल वीडियो शेयर करके दी. उनका आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला साल 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर था, जबकि आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच उन्होंने 2026 मुंबई टी20 लीग में नॉर्थ मुंबई पैंथर्स की कप्तानी करते हुए खेला. रहाणे ने अपने करियर में भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले.
रहाणे ने अपने मैसेज में कहा कि हर सफर की एक शुरुआत और एक अंत होता है. उन्होंने बताया कि बल्लेबाजी में सही टाइमिंग हमेशा उनकी सबसे बड़ी ताकत रही और अब उन्हें लगा कि क्रिकेट को अलविदा कहने का यही सही समय है. उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि डोंबिवली से रोज अभ्यास के लिए सफर करना आसान नहीं था, लेकिन भारत की जर्सी पहनने का सपना उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा. उन्होंने हमेशा देश और टीम को अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन से ऊपर रखा.
टेस्ट क्रिकेट में शानदार रहा करियर
अजिंक्य रहाणे का टेस्ट करियर बेहद शानदार रहा. उन्होंने 85 टेस्ट मैचों में 5,077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल रहे. इसके अलावा 90 वनडे मैचों में उन्होंने 2,962 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं. वहीं 20 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में उन्होंने 375 रन बनाए. विदेशी परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाजी की हमेशा सराहना हुई और उन्होंने कई यादगार पारियां खेलीं.
अब युवा खिलाड़ियों को देंगे अनुभव का लाभ
संन्यास के बाद भी अजिंक्य रहाणे क्रिकेट से दूर नहीं रहेंगे. उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करना और अपने अनुभव उनके साथ साझा करना है. रहाणे ने कहा कि भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा. जीत, हार, साथियों के साथ बिताए गए पल और मैदान पर बनी यादें हमेशा उनके दिल में रहेंगी. उन्होंने क्रिकेट, अपने परिवार, साथियों, कोचों और फैंस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह खेल हमेशा उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा रहेगा.