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कभी भारत के लिए नहीं खेला, फिर भी बन बैठा BCCI का अध्यक्ष, धाकड़ क्रिकेटर की बीवी से रहा अफेयर!

How Mithun Manhas Became BCCI President Despite No International Tag: मिथुन मन्हास ने भारत के लिए कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला, लेकिन फिर भी वह बीसीसीआई अध्यक्ष बने. दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले मन्हास आखिर कैसे दुनिया के सबसे ताकतवर क्रिकेट बोर्ड के प्रेसिडेंट बने? आइए समझते हैं.

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Last Updated: 2026-08-11 13:31:05

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Mithun Manhas BCCI President: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बार्ड यानी बीसीसीआई दुनिया का सबसे बड़ा और अमीर क्रिकेट बोर्ड है. बोर्ड के अध्यक्ष की काफी वैल्यू होती है जो कि एग्जीक्यूटिव फैसलों को कंट्रोल करते हैं. बिन्नी के बाद यह जिम्मेदारी मिथुन मन्हास को दी गई है. लेकिन यह काफी हैरान करने वाला था. क्योंकि उन्होंने कभी भारत के लिए टेस्ट, वनडे या टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला. इसके बावजूद वह दुनिया के सबसे ताकतवर क्रिकेट बोर्ड में से एक बीसीसीआई के अध्यक्ष बने.
दरअसल ईस्ट दिल्ली टीम कप्तान मिथुन मन्हास को 28 सितंबर 2025 को मुंबई में हुई बीसीसीआई की 94वीं वार्षिक आम बैठक में अध्यक्ष चुना गया. उन्होंने रोजर बिन्नी की जगह ली और बीसीसीआई के 37वें अध्यक्ष बने. कई क्रिकेट फैंस को यह लगता है कि इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले क्रिकेटर ही बीसीसीआई का अध्यक्ष बन सकता है. लेकिन ऐसा नहीं है, मिथुन ने सिर्फ आईपीएल और घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन पर बीसीसीआई के अध्यक्ष पद के लिए एप्लाई किया था और वह चुने भी गए थे.
सहवाग की बीवी से रहा अफेयर?
घरेलू क्रिकेट में उनका करियर काफी शानदार रहा. जम्मू में जन्मे मन्हास ने दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के लिए क्रिकेट खेला. उन्होंने 157 फर्स्ट क्लास मैचों में 9,714 रन बनाए और उनके नाम 27 शतक भी हैं. इसके अलावा 126 लिस्ट ए मैच क्रिकेट में 4130 रन बनाए. बता दें कि ऐसी भी चर्चा रही थी कि मिथुन का वीरेंद्र सहवाग की बीवी आरती से अफेयर रहा है. हालांकि, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है.

क्या होता है बीसीसीआई के अध्यक्ष का काम?

खिलाड़ी के तौर पर करियर खत्म होने के बाद मिथुन मन्हास ने क्रिकेट से दूरी नहीं बनाई. उन्होंने कोचिंग और क्रिकेट प्रशासन में कदम रखा. जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़ने के बाद उन्हें क्रिकेट प्रशासन का भी अनुभव मिला. बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के लिए भारत की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना जरूरी नहीं है.  BCCI प्रेसिडेंट के पास सबसे बड़ा औपचारिक और रिप्रेजेंटेटिव टाइटल होता है, वहीं सेक्रेटरी रोज़ाना के ऑपरेशन, फाइनेंस, लॉजिस्टिक्स और एग्जीक्यूटिव फैसलों को कंट्रोल करते हैं.

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Mithun Manhas BCCI President: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बार्ड यानी बीसीसीआई दुनिया का सबसे बड़ा और अमीर क्रिकेट बोर्ड है. बोर्ड के अध्यक्ष की काफी वैल्यू होती है जो कि एग्जीक्यूटिव फैसलों को कंट्रोल करते हैं. बिन्नी के बाद यह जिम्मेदारी मिथुन मन्हास को दी गई है. लेकिन यह काफी हैरान करने वाला था. क्योंकि उन्होंने कभी भारत के लिए टेस्ट, वनडे या टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला. इसके बावजूद वह दुनिया के सबसे ताकतवर क्रिकेट बोर्ड में से एक बीसीसीआई के अध्यक्ष बने.
दरअसल ईस्ट दिल्ली टीम कप्तान मिथुन मन्हास को 28 सितंबर 2025 को मुंबई में हुई बीसीसीआई की 94वीं वार्षिक आम बैठक में अध्यक्ष चुना गया. उन्होंने रोजर बिन्नी की जगह ली और बीसीसीआई के 37वें अध्यक्ष बने. कई क्रिकेट फैंस को यह लगता है कि इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले क्रिकेटर ही बीसीसीआई का अध्यक्ष बन सकता है. लेकिन ऐसा नहीं है, मिथुन ने सिर्फ आईपीएल और घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन पर बीसीसीआई के अध्यक्ष पद के लिए एप्लाई किया था और वह चुने भी गए थे.
सहवाग की बीवी से रहा अफेयर?
घरेलू क्रिकेट में उनका करियर काफी शानदार रहा. जम्मू में जन्मे मन्हास ने दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के लिए क्रिकेट खेला. उन्होंने 157 फर्स्ट क्लास मैचों में 9,714 रन बनाए और उनके नाम 27 शतक भी हैं. इसके अलावा 126 लिस्ट ए मैच क्रिकेट में 4130 रन बनाए. बता दें कि ऐसी भी चर्चा रही थी कि मिथुन का वीरेंद्र सहवाग की बीवी आरती से अफेयर रहा है. हालांकि, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है.

क्या होता है बीसीसीआई के अध्यक्ष का काम?

खिलाड़ी के तौर पर करियर खत्म होने के बाद मिथुन मन्हास ने क्रिकेट से दूरी नहीं बनाई. उन्होंने कोचिंग और क्रिकेट प्रशासन में कदम रखा. जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़ने के बाद उन्हें क्रिकेट प्रशासन का भी अनुभव मिला. बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के लिए भारत की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना जरूरी नहीं है.  BCCI प्रेसिडेंट के पास सबसे बड़ा औपचारिक और रिप्रेजेंटेटिव टाइटल होता है, वहीं सेक्रेटरी रोज़ाना के ऑपरेशन, फाइनेंस, लॉजिस्टिक्स और एग्जीक्यूटिव फैसलों को कंट्रोल करते हैं.

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