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Home > क्रिकेट > IND vs SL 2nd Test: जहां कभी बारूद की गंध थी, वहां आज गूंजता है चौके-छक्कों का शोर! जानिए ‘श्रीलंका के लॉर्ड्स’ का रोंगटे खड़े करने वाला सच

IND vs SL 2nd Test: जहां कभी बारूद की गंध थी, वहां आज गूंजता है चौके-छक्कों का शोर! जानिए ‘श्रीलंका के लॉर्ड्स’ का रोंगटे खड़े करने वाला सच

कोलंबो के ऐतिहासिक SSC ग्राउंड का वो सच जो शायद ही आप जानते हों! दूसरे विश्व युद्ध की एयरस्ट्रिप से लेकर 'श्रीलंका का लॉर्ड्स' बनने तक, जानिए इस मैदान का अनोखा इतिहास.

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Last Updated: August 21, 2026 16:57:32 IST

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कोलंबो का सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) क्रिकेट ग्राउंड भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे और आखिरी मुकाबले की मेजबानी करने के लिए तैयार है. श्रीलंका के सबसे ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित मैदानों में शामिल इस स्टेडियम को क्रिकेट जगत में ‘श्रीलंका का लॉर्ड्स’ भी कहा जाता है. घरेलू टूर्नामेंट के बड़े फाइनल से लेकर कई यादगार टेस्ट और वनडे मुकाबलों तक, यह मैदान लंबे समय से श्रीलंकाई क्रिकेट के सफर का मुख्य केंद्र रहा है.

1899 का वो रोमांचक मैच और क्लब की शुरुआत

इस क्लब की नींव 19वीं सदी के आखिर में रखी गई थी. साल 1899 में रॉयल कॉलेज, सेंट थॉमस कॉलेज और वेस्ले कॉलेज के युवा छात्रों से बनी एक संयुक्त टीम ने मजबूत ‘कोल्ट्स क्रिकेट क्लब’ को महज 1 रन से हरा दिया था. इस सांस रोक देने वाली जीत के बाद खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने मिलकर एक अलग क्लब बनाने का फैसला किया, जिससे 1899 में आधिकारिक तौर पर ‘सिंहली स्पोर्ट्स क्लब’ की स्थापना हुई.

शुरुआत में क्लब का ठिकाना विक्टोरिया पार्क (जिसे अब विहारमहादेवी पार्क कहा जाता है) था, जहां की जमीन लीज पर ली गई थी. रेतीली मिट्टी और दालचीनी के पेड़ों से घिरी इस जगह पर शुरुआती प्रैक्टिस और मैच हुआ करते थे. इसके बाद साल 1952 में क्लब ने कोलंबो के मेटलैंड प्लेस में करीब 20 एकड़ जमीन लीज पर ली और अपना नया ठिकाना बनाया.

दूसरे विश्व युद्ध से जुड़ा इतिहास

मेटलैंड प्लेस की जिस जमीन पर आज यह खूबसूरत स्टेडियम खड़ा है, उसका इस्तेमाल दूसरे विश्व युद्ध के दौरान मित्र राष्ट्रों (Allied Forces) द्वारा हवाई पट्टी (एयरस्ट्रिप) के रूप में किया जाता था.

सिंहली स्पोर्ट्स क्लब केवल एक क्रिकेट मैदान नहीं है, बल्कि यह श्रीलंकाई क्रिकेट के हर ऐतिहासिक मोड़ का साक्षी रहा है. लंबे समय तक श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड का मुख्यालय भी इसी परिसर में रहा. आज भी श्रीलंका के प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट्स और प्रीमियर लीग के फाइनल मुकाबले अक्सर यहीं खेले जाते हैं. अपनी बेहतरीन पिच और आउटफील्ड के लिए मशहूर यह मैदान दुनिया भर के दिग्गज बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए एक बड़ी परीक्षा माना जाता है.

मैच की बात करें तो  श्रीलंका के खिलाफ़ दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ में भारतीय टीम अभी 1-0 से आगे है. सीरीज़ का दूसरा और आखिरी मैच रविवार, 23 अगस्त को शुरू होगा. भारत का लक्ष्य कोलंबो के सिंहलीज़ स्पोर्ट्स क्लब (SSC) ग्राउंड पर होने वाले इस मैच को जीतकर सीरीज़ को 2-0 से अपने नाम करना होगा.

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कोलंबो का सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) क्रिकेट ग्राउंड भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे और आखिरी मुकाबले की मेजबानी करने के लिए तैयार है. श्रीलंका के सबसे ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित मैदानों में शामिल इस स्टेडियम को क्रिकेट जगत में ‘श्रीलंका का लॉर्ड्स’ भी कहा जाता है. घरेलू टूर्नामेंट के बड़े फाइनल से लेकर कई यादगार टेस्ट और वनडे मुकाबलों तक, यह मैदान लंबे समय से श्रीलंकाई क्रिकेट के सफर का मुख्य केंद्र रहा है.

1899 का वो रोमांचक मैच और क्लब की शुरुआत

इस क्लब की नींव 19वीं सदी के आखिर में रखी गई थी. साल 1899 में रॉयल कॉलेज, सेंट थॉमस कॉलेज और वेस्ले कॉलेज के युवा छात्रों से बनी एक संयुक्त टीम ने मजबूत ‘कोल्ट्स क्रिकेट क्लब’ को महज 1 रन से हरा दिया था. इस सांस रोक देने वाली जीत के बाद खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने मिलकर एक अलग क्लब बनाने का फैसला किया, जिससे 1899 में आधिकारिक तौर पर ‘सिंहली स्पोर्ट्स क्लब’ की स्थापना हुई.

शुरुआत में क्लब का ठिकाना विक्टोरिया पार्क (जिसे अब विहारमहादेवी पार्क कहा जाता है) था, जहां की जमीन लीज पर ली गई थी. रेतीली मिट्टी और दालचीनी के पेड़ों से घिरी इस जगह पर शुरुआती प्रैक्टिस और मैच हुआ करते थे. इसके बाद साल 1952 में क्लब ने कोलंबो के मेटलैंड प्लेस में करीब 20 एकड़ जमीन लीज पर ली और अपना नया ठिकाना बनाया.

दूसरे विश्व युद्ध से जुड़ा इतिहास

मेटलैंड प्लेस की जिस जमीन पर आज यह खूबसूरत स्टेडियम खड़ा है, उसका इस्तेमाल दूसरे विश्व युद्ध के दौरान मित्र राष्ट्रों (Allied Forces) द्वारा हवाई पट्टी (एयरस्ट्रिप) के रूप में किया जाता था.

सिंहली स्पोर्ट्स क्लब केवल एक क्रिकेट मैदान नहीं है, बल्कि यह श्रीलंकाई क्रिकेट के हर ऐतिहासिक मोड़ का साक्षी रहा है. लंबे समय तक श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड का मुख्यालय भी इसी परिसर में रहा. आज भी श्रीलंका के प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट्स और प्रीमियर लीग के फाइनल मुकाबले अक्सर यहीं खेले जाते हैं. अपनी बेहतरीन पिच और आउटफील्ड के लिए मशहूर यह मैदान दुनिया भर के दिग्गज बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए एक बड़ी परीक्षा माना जाता है.

मैच की बात करें तो  श्रीलंका के खिलाफ़ दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ में भारतीय टीम अभी 1-0 से आगे है. सीरीज़ का दूसरा और आखिरी मैच रविवार, 23 अगस्त को शुरू होगा. भारत का लक्ष्य कोलंबो के सिंहलीज़ स्पोर्ट्स क्लब (SSC) ग्राउंड पर होने वाले इस मैच को जीतकर सीरीज़ को 2-0 से अपने नाम करना होगा.

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