वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ तीसरे वनडे मैच में भारतीय सलामी बल्लेबाज़ रोहित शर्मा अपना शतक पूरा करने से चूक गए. दूसरे वनडे में 101 रनों की शानदार पारी खेलने के बाद, तीसरे मैच में भी रोहित ने बेहतरीन बल्लेबाजी की. और दिखा दिया कि पिच चाहे जो भी हो रोहित का क्लास वही है.
रोहित शर्मा ने खेली 92 रनों की पारी
महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में रोहित शर्मा ने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन बाद में उन्होंने हाथ खोले. उन्होंने 85 गेंदों पर 92 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल थे. रोहित, कीमो पॉल की गेंद पर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में बाउंड्री लाइन पर कैच दे बैठे. उनका कैच ज्वेल एंड्रयू ने लपका.
गुवाहाटी जीत के बाद भी निराश थे गौतम गंभीर
इससे पहले गुवाहाटी में खेले गए दूसरे ODI में इस मुकाबले में रोहित शर्मा ने 75 गेंदों पर 101 रनों की आक्रामक पारी खेली, जबकि कप्तान शुभमन गिल ने नाबाद 223 रन बनाए. भारत ने 3 मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त भी बना ली, लेकिन टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर इस जीत के बावजूद बेहद निराश नजर आए.
मैच के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत करते हुए गंभीर ने साफ कहा कि गुवाहाटी में फैंस ने जो देखा, उसे ‘क्रिकेट’ नहीं कहा जा सकता. उन्होंने बल्ले और गेंद के बीच खत्म होते संतुलन पर गहरी चिंता जताई और बीसीसीआई (BCCI) समेत राज्य संघों से गेंदबाजों को बचाने के लिए बेहतर पिचें बनाने की अपील की.
‘यह क्रिकेट नहीं, सिर्फ बल्लेबाजी है’
गंभीर ने खुलकर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा, ‘अगर मैं पूरी ईमानदारी से कहूं, तो बल्ले और गेंद के बीच एक बेहतर मुकाबला होना चाहिए. आप इसे क्रिकेट कह सकते हैं, लेकिन यह क्रिकेट नहीं है यह सिर्फ बल्लेबाजी है. जरा सोचिए, एक युवा गेंदबाज इस तरह की पिच पर गेंदबाजी कर रहा है, जहां विरोधी टीम 400 रन बनाती है और फिर हम भी उसे आसानी से चेज कर लेते हैं.’
उन्होंने आगे कहा, ‘रिकॉर्ड्स के लिए यह शानदार है, दर्शकों और ब्रॉडकास्टर्स के लिए भी यह बेहद रोमांचक है, लेकिन अगर आप मुझसे एक सच्चे क्रिकेट प्रेमी और कोच के तौर पर पूछेंगे, तो मुझे गेंदबाजों से पूरी सहानुभूति है.’
आपको बताते चलें कि रोहित ने टस्सरे ODI मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी क्लास दिखाते हुए 92 रनों की जुझारू पारी खेली। इस मैच में कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. पिच बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं थी और तेज़ गेंदबाजों को काफी मदद मिल रही थी. शुभमन गिल और विराट कोहली जल्दी आउट हो गए दोनों को जेडेन सील्स ने लगातार दो गेंदों पर पवेलियन भेजा.
पावरप्ले के बाद बदली रन बनाने की रफ्तार
शुरुआती पावरप्ले (पहले 10 ओवर) में रोहित की बल्लेबाजी काफी धीमी रही. 10 ओवर के बाद उन्होंने 41 गेंदों में सिर्फ 21 रन बनाए थे. लेकिन इसके बाद उन्होंने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए अगली 44 गेंदों पर 71 रन ठोक दिए.
वनडे करियर में यह छठी बार है जब रोहित ‘नर्वस नाइंटीज़’ (90 से 99 रन के बीच) का शिकार हुए हैं. इससे पहले वह 2019 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मोहाली में 95 रन बनाकर आउट हुए थे.
ऋतुराज गायकवाड़ के साथ शतकीय साझेदारी
रोहित शर्मा ने तीसरे विकेट के लिए ऋतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर 137 रनों की मजबूत साझेदारी की. इस दौरान ऋतुराज को किस्मत का पूरा साथ मिला और उन्हें चार जीवनदान मिले. इस साझेदारी में रोहित का योगदान 76 गेंदों में 90 रन था, जबकि ऋतुराज ने 69 गेंदों में 5 रन बनाए.