Balcony Collapsed In Vaishali: गाजियाबाद के वैशाली में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक ऊंची आवासीय इमारत की बालकनी का एक हिस्सा अचानक गिर गया और मलबा नीचे खड़ी गाड़ियोंa पर जा गिरा. यह घटना कौशांबी थाना क्षेत्र के अंतर्गत वैशाली सेक्टर 4 स्थित देविका टावर में हुई.
शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया कि यह हादसा 12वीं मंजिल पर हुआ, लेकिन स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, आठवीं मंजिल की बालकनी का किनारा गिरा और नौवीं से बारहवीं मंजिल तक के हिस्से भी टूटकर गिर गए. बताया जा रहा है कि इस घटना में चार गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं.
गाजियाबाद में गिरी बालकनी
Balcony Collapse in Ghaziabad’s Vaishali A balcony on the 12th floor of Devika Apartment in Ghaziabad’s Vaishali suddenly collapsed, bringing down debris that damaged balconies on several other floors. The debris fell onto three cars parked below, leaving all three badly damaged. Fortunately, children were playing on the other side of the society at the time, preventing a possible tragedy. The incident has raised questions over the maintenance of high-rise societies despite residents paying monthly maintenance charges.
— Atulkrishan (@iAtulKrishan1) October 2, 2026
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना शाम 4:30 से 5 बजे के बीच घटी. गिरता हुआ कंक्रीट और मलबा इमारत के नीचे खड़ी कारों पर गिरा, जिससे वे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, सोसाइटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुमन औब्रॉय ने बताया कि देविका टावर 12 मंजिला इमारत है जिसमें 96 फ्लैट और लगभग 400 लोग रहते हैं.
इस हादसे के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और वे घटना स्थल पर जमा हो गए. घटनास्थल से मिली तस्वीरों में क्षतिग्रस्त वाहन और गिरी हुई बालकनी के बड़े-बड़े टुकड़े जमीन पर बिखरे हुए दिखाई दे रहे थे.
किसी के हताहत होने की खबर नहीं
गाजियाबाद में बालकनी गिरने की घटना के बाद सबसे बड़ी राहत की बात यह थी कि किसी के घायल होने या मारे जाने की कोई खबर नहीं मिली. आरडब्ल्यूए के अनुसार, घटना के समय बच्चे सोसाइटी के दूसरे हिस्से में खेल रहे थे. अगर कोई ढहती हुई इमारत के ठीक नीचे खड़ा होता, तो परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे.
बालकनी गिरने का कारण
इमारत गिरने का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है. किसी विशिष्ट संरचनात्मक दोष, निर्माण संबंधी समस्या या रखरखाव में हुई चूक से इस घटना को जोड़ने वाला कोई पुष्ट प्रमाण नहीं मिला है. हालांकि, इस घटना ने ऊंची आवासीय इमारतों, विशेष रूप से बालकनियों और बाहरी कंक्रीट संरचनाओं से संबंधित संरचनात्मक सुरक्षा और रखरखाव पर नए सिरे से ध्यान आकर्षित किया है.