जसप्रीत बुमराह आज दुनिया के सबसे खतरनाक और बेहतरीन तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं. मैच किसी भी फॉर्मेट का हो या हालात कैसे भी हों, बुमराह अकेले दम पर बाजी पलटने की ताकत रखते हैं. उनका अनोखा बॉलिंग एक्शन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतने बड़े मैच जिताऊ गेंदबाज बनेंगे.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने एक दिलचस्प खुलासा करते हुए बताया कि साल 2014 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (RCB) ने बुमराह को अपनी टीम में शामिल करने से इनकार कर दिया था. हालांकि, पार्थिव का मानना है कि शायद वह सही तरीके से अपनी बात प्रबंधन तक पहुंचा नहीं पाए थे, जिसकी वजह से फ्रेंचाइजी ने उनके सुझाव को गंभीरता से नहीं लिया.
‘यह बुमराह क्या ही कर लेगा?’
पार्थिव पटेल ने बताया कि 2014 की मेगा नीलामी के पहले दिन RCB ने उन्हें टीम में शामिल किया था. इसके बाद उन्होंने टीम मैनेजमेंट से बात की और जसप्रीत बुमराह को भी खरीदने की सलाह दी.
पार्थिव ने कहा, ‘2014 की नीलामी में लंच के समय मुझे RCB ने खरीदा था. जब मुझे फ्रेंचाइजी की तरफ से मैसेज आया, तो मैंने उनसे कहा कि गुजरात में एक युवा खिलाड़ी है, उस पर नजर रखिए. लेकिन शायद मैं अपनी बात सही अंदाज में सामने नहीं रख सका. उस वक्त मैनेजमेंट को नहीं लगा कि बुमराह को टीम में शामिल करना फायदेमंद रहेगा. वहां से मुझे कुछ ऐसा जवाब मिला कि ‘यह बुमराह क्या ही कर लेगा?’
RCB के ठुकराने के बाद मुंबई इंडियंस ने बुमराह पर भरोसा जताया और उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया. इसके बाद जो हुआ, वह इतिहास है. बुमराह मुंबई इंडियंस के मुख्य स्तंभ बने और टीम ने कई बार आईपीएल का खिताब अपने नाम किया.
अगर RCB मान लेती सलाह तो…
पार्थिव पटेल घरेलू क्रिकेट में गुजरात के लिए बुमराह के साथ खेल चुके थे, इसलिए उन्हें बुमराह की काबलियत और प्रतिभा का बखूबी अंदाजा था. अगर उस समय RCB ने पार्थिव की बात मान ली होती, तो आधुनिक दौर के सबसे महान बल्लेबाज विराट कोहली और सबसे घातक गेंदबाज जसप्रीत बुमराह एक ही फ्रेंचाइजी के लिए खेलते नजर आते.
बुमराह ने आईपीएल में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने 158 मैचों में 7.33 की बेहतरीन इकोनॉमी रेट से 187 विकेट चटकाए हैं और खुद को लीग के सर्वकालिक महान गेंदबाजों में स्थापित कर चुके हैं.