श्रीलंका क्रिकेट ने कहा कि अगर खेल से जुड़े अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष जांच इकाई (एसआईयू) किसी भी तरह की सहायता मांगती है, तो बोर्ड हर संभव सहयोग देगा. बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि पांच टीमों वाला एलपीएल 2026 बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा. श्रीलंका क्रिकेट ने कहा कि टूर्नामेंट की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख पर अडिग श्रीलंका क्रिकेट
बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि वह लीग से जुड़े किसी भी खिलाड़ी, अधिकारी, फ्रेंचाइजी या अन्य हितधारक द्वारा भ्रष्टाचार, अनुचित आचरण या किसी भी तरह की गड़बड़ी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा. श्रीलंका क्रिकेट ने बताया कि उसका भ्रष्टाचार निरोधक विभाग पहले से ही एसआईयू के साथ मिलकर काम कर रहा है. इसके अलावा स्वतंत्र संस्था इंटीग्रिटी मेंटर्स को भी टूर्नामेंट के दौरान निगरानी और खिलाड़ियों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है.
31 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजे गए मंजोत कालरा
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 27 वर्षीय मंजोत कालरा को अदालत में पेश करने के बाद 31 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. इस मामले में भारतीय नागरिक युवराज पुष्पा को भी हिरासत में लिया गया है. जांच एजेंसियों का आरोप है कि मंजोत कालरा ने एक एलपीएल खिलाड़ी को पैसे का लालच देने की कोशिश की थी. बताया जा रहा है कि भानुका राजपक्षे, अविष्का फर्नांडो और दुनिथ वेलालागे की शिकायत के बाद जांच शुरू हुई. श्रीलंका क्रिकेट ने दोहराया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी नीति बेहद सख्त है और लीग की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.