मध्य प्रदेश के सिहोर जिले के आष्टा में सामाजिक समरसता की मिसाल पेश हुई. यहां भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें 200 जोड़ों ने एक साथ सात फेरे लेकर दाम्पत्य जीवन में प्रवेश किया. पूरा पंडाल वैदिक मंत्रोच्चार और शहनाई की गूंज से गूंज उठा. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल स्थित निवास से वर्चुअली शामिल हुए.
मुख्यमंत्री का बेटियों को आशीर्वाद
उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी नवविवाहित वर-वधुओं को सुखद एवं मंगलमय जीवन का आशीर्वाद दिया. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ‘सामूहिक चेतना का उत्सव’ है.
यह समाज को फिजूलखर्ची, दिखावे और दहेज जैसी कुरीतियों से दूर रहने का मजबूत संदेश देता है. उन्होंने कहा कि एक मंच पर इतनी बेटियों का कन्यादान होना सौभाग्य की बात है.
शादी में अब तक 1000 करोड़ खर्च
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि मध्यप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना बेहद सफल रही है. दिसंबर 2023 से लेकर अप्रैल 2026 तक इस योजना के तहत प्रदेश की 1 लाख 70 हजार 187 बेटियों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है.
सरकार द्वारा इन बेटियों को अब तक लगभग 1000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जिससे गरीब परिवारों पर बोझ कम हुआ है.
आष्टा के इस आयोजन में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए. सभी ने नवदंपतियों को शुभकामनाएं दीं.
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