Live TV
Search
Home > राज्य > बिहार > Bihar News: कौन थे दुलारचंद यादव, जिनकी हत्या के मामले में Anant Singh जाएंगे जेल, सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका

Bihar News: कौन थे दुलारचंद यादव, जिनकी हत्या के मामले में Anant Singh जाएंगे जेल, सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका

Bihar News: सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया है. हाल ही में अनंत सिंह को JDU से भी निकाल दिया गया था.

Written By:
Published: October 30, 2026 12:40:23 IST
Last Updated: October 30, 2026 12:40:23 IST

Mobile Ads 1x1

Bihar News:  बिहार के बाहुबली नेता और मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (30 अक्टूबर,2026) को उनकी वह ज़मानत रद्द कर दी, जो उन्हें अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में मिली थी. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीवी वराले की बेंच ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर, 2026 तक अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया. कोर्ट ने उन्हें ज़मानत देने के पटना हाई कोर्ट के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि कथित अपराध की गंभीरता और अनंत सिंह के लंबे आपराधिक रिकॉर्ड पर ठीक से विचार नहीं किया गया था.

2025 में हुई थी दुलारचंद यादव की हत्या

30 अक्टूबर 2025 को मोकामा ताल में चुनाव प्रचार के दौरान हुई एक हिंसक झड़प में दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी. चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव ने ‘जन सुराज पार्टी’ के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी का समर्थन किया था. 30 अक्टूबर को दुलारचंद यादव के समर्थकों की अनंत सिंह के काफिले से झड़प हो गई थी. ANI की रिपोर्ट के अनुसार, घोसवारी पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में कहा गया है कि अनंत सिंह और उनके साथियों ने दुलारचंद यादव को उनकी गाड़ी से बाहर खींचा. इसके बाद उनके पैर में गोली मारी. वो यहीं पर नहीं रुके उनके साथ मारपीट की और फिर एक SUV गाड़ी से उन्हें कुचल दिया. JDU ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते हाल ही में अनंत सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है. इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें अपने खिलाफ की गई इस अनुशासनात्मक कार्रवाई पर कोई पछतावा नहीं है. 

अनंत सिंह के खिलाफ पार्टी ने तब कदम उठाया जब उन्होंने विधान परिषद चुनाव के पटना ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में, JD(U) के आधिकारिक उम्मीदवार और मौजूदा MLC नीरज कुमार के खिलाफ प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज पार्टी’ के उम्मीदवार के लिए खुलकर प्रचार किया. केंद्रीय मंत्री और मुंगेर के सांसद राजीव रंजन (उर्फ ललन सिंह) सहित वरिष्ठ नेताओं की अपील और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के संदेशों के बावजूद अनंत सिंह ने अपना रवैया बदलने से इन्कार कर दिया.

MLC चुनाव के मुद्दे पर हुआ था विवाद

अनंत सिंह ने यहां तक दावा कर दिया कि JD(U) का ‘हाईजैक’ (कब्ज़ा) हो गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनकी अपनी ही पार्टी में हाशिए पर धकेल दिया गया है, लेकिन वे (नीतीश) पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. इसे अपनी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का सवाल बताते हुए, मोकामा के विधायक अपने रुख पर अड़े रहे और नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार किया. उन्होंने कहा कि उन्हें मौजूदा MLC को पार्टी का चुनाव चिह्न दिए जाने पर ही आपत्ति थी. अनंत सिंह ने मीडियाकर्मियों से कहा था कि नीरज कुमार ने कई मौकों पर मेरे खिलाफ साजिश रची थी, और अब उन्हें उसी तरह जवाब देने का समय आ गया है.

पार्टी से निकाले जाने के बाद, राज्य सरकार ने उनकी पत्नी नीलम देवी को भी ‘राज्य-स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति’ (State-Level Programme Implementation Committee) के पद से हटा दिया. इसके साथ ही, उनसे राज्य मंत्री (Minister of State) का दर्जा और सरकारी बंगले की सुविधा भी वापस ले ली गई है.

कौन थे दुलारचंद यादव

दुलारचंद यादव बिहार के मोकामा इलाके के एक प्रमुख व्यक्ति थे, जिनकी हत्या 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान हुई थी.उस समय वह प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे. 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान दो पक्षों के काफिले आमने-सामने आने के बाद हुई हिंसक झड़प में 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी.  1980 और 1990 के दशक में बिहार के टाल क्षेत्र में दुलारचंद यादव का काफी प्रभाव रहा था. उन पर हत्या, अपहरण और रंगदारी जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे.

यह भी पढ़ें:  Bhojpuri Bhabhi Dance: खूबसूरत भाभी ने किया कमरतोड़ डांस, देखने वाले रह गए हैरान; लोग बोले- वन्स मोर

MORE NEWS

Home > राज्य > बिहार > Bihar News: कौन थे दुलारचंद यादव, जिनकी हत्या के मामले में Anant Singh जाएंगे जेल, सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका

Written By:
Published: October 30, 2026 12:40:23 IST
Last Updated: October 30, 2026 12:40:23 IST

Mobile Ads 1x1

Bihar News:  बिहार के बाहुबली नेता और मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (30 अक्टूबर,2026) को उनकी वह ज़मानत रद्द कर दी, जो उन्हें अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में मिली थी. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीवी वराले की बेंच ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर, 2026 तक अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया. कोर्ट ने उन्हें ज़मानत देने के पटना हाई कोर्ट के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि कथित अपराध की गंभीरता और अनंत सिंह के लंबे आपराधिक रिकॉर्ड पर ठीक से विचार नहीं किया गया था.

2025 में हुई थी दुलारचंद यादव की हत्या

30 अक्टूबर 2025 को मोकामा ताल में चुनाव प्रचार के दौरान हुई एक हिंसक झड़प में दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी. चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव ने ‘जन सुराज पार्टी’ के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी का समर्थन किया था. 30 अक्टूबर को दुलारचंद यादव के समर्थकों की अनंत सिंह के काफिले से झड़प हो गई थी. ANI की रिपोर्ट के अनुसार, घोसवारी पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में कहा गया है कि अनंत सिंह और उनके साथियों ने दुलारचंद यादव को उनकी गाड़ी से बाहर खींचा. इसके बाद उनके पैर में गोली मारी. वो यहीं पर नहीं रुके उनके साथ मारपीट की और फिर एक SUV गाड़ी से उन्हें कुचल दिया. JDU ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते हाल ही में अनंत सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है. इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें अपने खिलाफ की गई इस अनुशासनात्मक कार्रवाई पर कोई पछतावा नहीं है. 

अनंत सिंह के खिलाफ पार्टी ने तब कदम उठाया जब उन्होंने विधान परिषद चुनाव के पटना ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में, JD(U) के आधिकारिक उम्मीदवार और मौजूदा MLC नीरज कुमार के खिलाफ प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज पार्टी’ के उम्मीदवार के लिए खुलकर प्रचार किया. केंद्रीय मंत्री और मुंगेर के सांसद राजीव रंजन (उर्फ ललन सिंह) सहित वरिष्ठ नेताओं की अपील और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के संदेशों के बावजूद अनंत सिंह ने अपना रवैया बदलने से इन्कार कर दिया.

MLC चुनाव के मुद्दे पर हुआ था विवाद

अनंत सिंह ने यहां तक दावा कर दिया कि JD(U) का ‘हाईजैक’ (कब्ज़ा) हो गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनकी अपनी ही पार्टी में हाशिए पर धकेल दिया गया है, लेकिन वे (नीतीश) पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. इसे अपनी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का सवाल बताते हुए, मोकामा के विधायक अपने रुख पर अड़े रहे और नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार किया. उन्होंने कहा कि उन्हें मौजूदा MLC को पार्टी का चुनाव चिह्न दिए जाने पर ही आपत्ति थी. अनंत सिंह ने मीडियाकर्मियों से कहा था कि नीरज कुमार ने कई मौकों पर मेरे खिलाफ साजिश रची थी, और अब उन्हें उसी तरह जवाब देने का समय आ गया है.

पार्टी से निकाले जाने के बाद, राज्य सरकार ने उनकी पत्नी नीलम देवी को भी ‘राज्य-स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति’ (State-Level Programme Implementation Committee) के पद से हटा दिया. इसके साथ ही, उनसे राज्य मंत्री (Minister of State) का दर्जा और सरकारी बंगले की सुविधा भी वापस ले ली गई है.

कौन थे दुलारचंद यादव

दुलारचंद यादव बिहार के मोकामा इलाके के एक प्रमुख व्यक्ति थे, जिनकी हत्या 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान हुई थी.उस समय वह प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे. 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान दो पक्षों के काफिले आमने-सामने आने के बाद हुई हिंसक झड़प में 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी.  1980 और 1990 के दशक में बिहार के टाल क्षेत्र में दुलारचंद यादव का काफी प्रभाव रहा था. उन पर हत्या, अपहरण और रंगदारी जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे.

यह भी पढ़ें:  Bhojpuri Bhabhi Dance: खूबसूरत भाभी ने किया कमरतोड़ डांस, देखने वाले रह गए हैरान; लोग बोले- वन्स मोर

MORE NEWS