Dhamtari Land Mafia: जिले के रत्ना बांधा क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां भू-माफियाओं के कथित दबाव और प्रशासनिक उदासीनता से परेशान किसानों ने ‘इच्छा मृत्यु’ की मांग कर दी है. किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह या जहर सेवन जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे.
पीड़ित किसानों का कहना है कि रत्ना बांधा स्थित उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि तक जाने वाला लगभग 100 वर्ष पुराना रास्ता पंचवटी कॉलोनी के पीछे से गुजरता था, जिसे अब दीवार खड़ी कर बंद कर दिया गया है. इस कारण किसान न तो ट्रैक्टर या हार्वेस्टर ले जा पा रहे हैं और न ही आसानी से खेत तक पहुंच पा रहे हैं. इससे उनकी खेती और आजीविका दोनों पर गंभीर असर पड़ा है.
जमीन बेचने का दबाव और धमकियां
किसानों ने आरोप लगाया है कि कुछ रसूखदार भू-माफिया और दलाल उन्हें लगातार जमीन बेचने के लिए दबाव बना रहे हैं. उनका कहना है कि “जमीन नहीं बेचोगे तो रास्ता कभी नहीं खुलेगा” जैसी धमकियां दी जा रही हैं. किसानों का साफ कहना है कि वे किसी भी हालत में अपनी जमीन नहीं बेचेंगे.
आदेश के बावजूद कार्रवाई ठप
किसानों के अनुसार, पूर्व में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उल्टा, विवादित स्थल पर नई दीवारें खड़ी कर दी गई हैं. किसानों ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और पंचायत स्तर पर मिलीभगत के भी आरोप लगाए हैं.
कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान, अंतिम चेतावनी
न्याय की मांग को लेकर किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी. उनका कहना है कि यदि शीघ्र रास्ता बहाल नहीं किया गया, तो वे आत्मदाह जैसे कदम उठाने को विवश होंगे.
प्रशासन का जवाब
प्रशासन का कहना है कि मामला राजस्व से जुड़ा है और सभी पक्षों की सुनवाई के बाद ही उचित निर्णय लिया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, प्रकरण अभी प्रक्रियाधीन है.
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