Delhi Water Crisis: दिल्ली में रहने वाले लोगों की परेशानी आने वाले दिनों में बढ़ सकती है। राजधानी के दक्षिण और मध्य दिल्ली के कई इलाकों में 8 नवंबर तक पानी की सप्लाई प्रभावित रहने की आशंका है. इसकी वजह उत्तर प्रदेश में अपर गंगा नहर की सालाना सफाई और मरम्मत का काम है. इससे दिल्ली को मिलने वाले कच्चे पानी की आपूर्ति घट सकती है. इसका असर घरों तक पहुंचने वाले पानी पर पड़ सकता है. स्थिति को देखते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने एडवाइजरी जारी की है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपनी जरूरत के मुताबिक पहले से पानी जमा करके रखें, ताकि सप्लाई प्रभावित होने पर परेशानी न हो.
इन इलाकों में रहेगी किल्लत
NDMC के मुताबिक, दिल्ली के दो दर्जन से ज्यादा इलाकों में पानी की किल्लत हो सकती है. इनमें भारती नगर, गोल्फ लिंक्स, लोदी एस्टेट, खान मार्केट, रवींद्र नगर, बापा नगर, पंडारा रोड, जोर बाग, लोदी कॉलोनी के कुछ हिस्सों और बीके दत्त कॉलोनी शामिल हैं, जहां पर पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा दिल्ली हाई कोर्ट, लोदी रोड के कुछ हिस्सों, अमृता शेरगिल मार्ग, जनपथ के कुछ हिस्सों, अलीगंज, पृथ्वीराज रोड के कुछ हिस्सों, किदवई नगर और लक्ष्मीबाई नगर में भी पानी की कमी हो सकती है. राष्ट्रपति भवन परिसर, नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और काका नगर में भी सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका है.
सोनिया विहार प्लांट की सप्लाई पर असर
अपर गंगा नहर की सफाई और मरम्मत के कारण दिल्ली को रोजाना मिलने वाले करीब 256 मिलियन गैलन कच्चे पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. इसमें से लगभग 144 MGD सोनिया विहार और 112 MGD भागीरथी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को मिलता है. ये दोनों प्लांट दक्षिण और मध्य दिल्ली के बड़े हिस्से में पानी पहुंचाते हैं. NDMC की एडवाइजरी के अनुसार, सोनिया विहार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सप्लाई प्रभावित रहने के दौरान यमुना के पानी से आपूर्ति की जाएगी.
पानी बर्बाद न करने की सलाह
इससे पानी की उपलब्धता कम हो सकती है और उसके स्वाद में भी बदलाव महसूस हो सकता है. संबंधित अधिकारी उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के संपर्क में हैं, ताकि मरम्मत का काम जल्द पूरा हो सके. फिलहाल 8 नवंबर तक पानी की सप्लाई में उतार-चढ़ाव की आशंका है. विभाग ने लोगों से पानी बर्बाद न करने और पर्याप्त मात्रा में पानी जमा रखने की अपील की है.