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नोएडा में मृत पाए गए राकेश मेहता, दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव के पास मिला एक नोट, जिसमें लिखा था…

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता अपने नोएडा स्थित आवास पर मृत पाए गए, उनके साथ एक कथित सुसाइड नोट भी मिला जिसमें "मानसिक और स्वास्थ्य समस्याओं" का हवाला दिया गया था.

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Last Updated: September 9, 2026 14:38:11 IST

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दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता, जो 1975 बैच के आईएएस अधिकारी थे और जिन्होंने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों के दौरान राजधानी के प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, 6 सितंबर को नोएडा स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए. 

लगभग 74-75 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी राकेश मेहता सेक्टर 82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी स्थित अपने फ्लैट में छत के पंखे से लटके हुए मिले थे. पुलिस ने एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर “मानसिक और स्वास्थ्य समस्याओं” का जिक्र किया है.

घरवालों की अनुपस्थिति में हुई मौत 

खबरों के मुताबिक, यह घटना तब सामने आई जब मेहता की पत्नी सुमंती मेहता, जो अपने बेटे से मिलने देहरादून गई हुई थीं, ने देखा कि मेहता बार-बार फोन नहीं उठा रहे हैं और उन्हें चिंता होने लगी. पुलिस को डायल-112 के जरिए सूचना मिली और वे तुरंत सोसाइटी पहुंचे. दरवाजा अंदर से बंद था और उसे तोड़कर अंदर से शव बरामद किया गया. फोरेंसिक टीम ने फ्लैट की जांच की और सबूत जुटाए.

राकेश मेहता और दिल्ली प्रशासन में उनके शीर्ष कार्यकाल के वर्ष

राकेश मेहता दिल्ली प्रशासन से बुनियादी ढांचे के विकास के एक महत्वपूर्ण दौर में घनिष्ठ रूप से जुड़े रहे. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल के दौरान 2007 से नवंबर 2010 में अपनी सेवानिवृत्ति तक दिल्ली के मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया. खबरों के मुताबिक, उनका कार्यकाल 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों और आयोजन के साथ मेल खाता था. उस समय दिल्ली प्रशासन कई प्रमुख अवसंरचना और नागरिक परियोजनाओं का प्रबंधन कर रहा था, जिससे मुख्य सचिव का कार्यालय महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों के केंद्र में आ गया था. पूर्व सहयोगियों के अनुसार, राकेश मेहता के कार्यकाल में प्रमुख परिवहन, बिजली और नागरिक अवसंरचना संबंधी पहलों की देखरेख भी शामिल थी.

राकेश मेहता ने कई महत्वपूर्ण नागरिक पदों पर किया कार्य 

अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान, राकेश मेहता ने दिल्ली सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. उन्होंने दिल्ली नगर निगम के आयुक्त के रूप में भी कार्य किया, जिससे राजधानी के नागरिक प्रशासन को संभालने का उनका अनुभव और भी बढ़ गया. अपने करियर के दौरान राकेश मेहता दिल्ली सरकार में एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए, खासकर राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान. इसलिए, राकेश मेहता के जीवन में दिल्ली सरकार और नगर प्रशासन दोनों में वरिष्ठ पदों पर उनकी भूमिकाएँ शामिल हैं.

राकेश मेहता की मृत्यु की जांच और अंतिम संस्कार

राकेश मेहता की मौत के हालात की जांच अभी जारी है. पुलिस कथित सुसाइड नोट, फोरेंसिक जांच के नतीजे और घर से जुटाए गए अन्य सबूतों की जांच कर रही है ताकि उनकी मौत के कारणों का पता लगाया जा सके. बताया जा रहा है कि सुसाइड नोट में “मानसिक और स्वास्थ्य समस्याओं” को इस चरम कदम का कारण बताया गया है. जांच प्रक्रिया और पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद राकेश मेहता का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया. सोमवार को लोधी रोड श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया. पुलिस द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों की जांच और उनकी मृत्यु से संबंधित परिस्थितियों का पुनर्निर्माण करने के बाद राकेश मेहता मामले की जांच से और अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है.

(यदि आप या आपका कोई परिचित अवसाद या किसी संकट से गुजर रहा है, तो हम आपसे आत्महत्या सहायता हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने का आग्रह करते हैं।)

हेल्पलाइन

आसरा – 9820466726 

वंद्रेवाला फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्थ – 9999666555 

परिवर्तन परामर्श हेल्पलाइन- 7676602602

लाइफ़लाइन फ़ाउंडेशन- 9088030303

परिवर्तन परामर्श हेल्पलाइन- 7676602602

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दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता, जो 1975 बैच के आईएएस अधिकारी थे और जिन्होंने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों के दौरान राजधानी के प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, 6 सितंबर को नोएडा स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए. 

लगभग 74-75 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी राकेश मेहता सेक्टर 82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी स्थित अपने फ्लैट में छत के पंखे से लटके हुए मिले थे. पुलिस ने एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर “मानसिक और स्वास्थ्य समस्याओं” का जिक्र किया है.

घरवालों की अनुपस्थिति में हुई मौत 

खबरों के मुताबिक, यह घटना तब सामने आई जब मेहता की पत्नी सुमंती मेहता, जो अपने बेटे से मिलने देहरादून गई हुई थीं, ने देखा कि मेहता बार-बार फोन नहीं उठा रहे हैं और उन्हें चिंता होने लगी. पुलिस को डायल-112 के जरिए सूचना मिली और वे तुरंत सोसाइटी पहुंचे. दरवाजा अंदर से बंद था और उसे तोड़कर अंदर से शव बरामद किया गया. फोरेंसिक टीम ने फ्लैट की जांच की और सबूत जुटाए.

राकेश मेहता और दिल्ली प्रशासन में उनके शीर्ष कार्यकाल के वर्ष

राकेश मेहता दिल्ली प्रशासन से बुनियादी ढांचे के विकास के एक महत्वपूर्ण दौर में घनिष्ठ रूप से जुड़े रहे. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल के दौरान 2007 से नवंबर 2010 में अपनी सेवानिवृत्ति तक दिल्ली के मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया. खबरों के मुताबिक, उनका कार्यकाल 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों और आयोजन के साथ मेल खाता था. उस समय दिल्ली प्रशासन कई प्रमुख अवसंरचना और नागरिक परियोजनाओं का प्रबंधन कर रहा था, जिससे मुख्य सचिव का कार्यालय महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों के केंद्र में आ गया था. पूर्व सहयोगियों के अनुसार, राकेश मेहता के कार्यकाल में प्रमुख परिवहन, बिजली और नागरिक अवसंरचना संबंधी पहलों की देखरेख भी शामिल थी.

राकेश मेहता ने कई महत्वपूर्ण नागरिक पदों पर किया कार्य 

अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान, राकेश मेहता ने दिल्ली सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. उन्होंने दिल्ली नगर निगम के आयुक्त के रूप में भी कार्य किया, जिससे राजधानी के नागरिक प्रशासन को संभालने का उनका अनुभव और भी बढ़ गया. अपने करियर के दौरान राकेश मेहता दिल्ली सरकार में एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए, खासकर राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान. इसलिए, राकेश मेहता के जीवन में दिल्ली सरकार और नगर प्रशासन दोनों में वरिष्ठ पदों पर उनकी भूमिकाएँ शामिल हैं.

राकेश मेहता की मृत्यु की जांच और अंतिम संस्कार

राकेश मेहता की मौत के हालात की जांच अभी जारी है. पुलिस कथित सुसाइड नोट, फोरेंसिक जांच के नतीजे और घर से जुटाए गए अन्य सबूतों की जांच कर रही है ताकि उनकी मौत के कारणों का पता लगाया जा सके. बताया जा रहा है कि सुसाइड नोट में “मानसिक और स्वास्थ्य समस्याओं” को इस चरम कदम का कारण बताया गया है. जांच प्रक्रिया और पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद राकेश मेहता का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया. सोमवार को लोधी रोड श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया. पुलिस द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों की जांच और उनकी मृत्यु से संबंधित परिस्थितियों का पुनर्निर्माण करने के बाद राकेश मेहता मामले की जांच से और अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है.

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परिवर्तन परामर्श हेल्पलाइन- 7676602602

लाइफ़लाइन फ़ाउंडेशन- 9088030303

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