न्यूज़ एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, AAP नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को मंगलवार को कथित भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ़्तार किया गया. यह कार्रवाई दिल्ली एंटी-करप्शन ब्यूरो ने 2024 में दर्ज FIR के सिलसिले में की. बता दें कि एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सत्येंद्र जैन और पांच अन्य लोगों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर में कथित अनियमितताओं के आरोप में गिरफ़्तार किया है.
दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच ने दिल्ली जल बोर्ड के STP टेंडर में बड़े घोटाले के आरोप में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों में पूर्व मंत्री और वरिष्ठ IAS अधिकारी भी शामिल हैं. मामला 11.05.2024 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की धाराओं में दर्ज किया गया था.
क्या है पूरा मामला
यह शिकायत सतर्कता निदेशालय की थी. आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी STP के अपग्रेडेशन के टेंडर में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं, टेंडर की शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश की गई. जांच में पता चला कि टेंडर में जानबूझकर ऐसी तकनीकी शर्तें रखी गईं जिससे सिर्फ एक खास कंपनी M/s यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को फायदा मिले. प्रतिस्पर्धा को खत्म किया गया. प्रस्तावित पायलट स्टडी नहीं कराई गई, तकनीक और मीडिया से जुड़ी प्रतिबंधात्मक शर्तें डाली गईं, और ट्रीटेड पानी के जरूरी पैरामीटर हटा दिए गए. गिरफ़्तार किए गए लोगों में शामिल हैं:
- सत्येंद्र कुमार जैन (GNCTD के पूर्व जल मंत्री),
- उदित प्रकाश राय (IAS, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO),
- अंकित श्रीवास्तव (दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट),
- नागेंद्र यादव (M/s AN एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर)
- राजा कुमार कुर्रा (M/s यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक),
- पंकज वर्मा (M/s सृजनहार के प्रोपराइटर)
पैसे का लेन-देन
वित्तीय जांच में पता चला कि कमीशन और रिश्वत का पैसा M/s सृजनहार और M/s AN एंटरप्राइजेज के जरिए घुमाया गया. यूरोटेक से जुड़ी कंपनियों से नागेंद्र यादव की फर्म में मोटी रकम आई. आरोप है कि पूर्व CEO उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में AN एंटरप्राइजेज के जरिए 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत भेजी गई. इसी पैसे से कथित तौर पर प्रॉपर्टी खरीदी गई. इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से भी प्रतिबंधात्मक टेंडर शर्तों और करिजेंडम के आदान-प्रदान का पता चला है.
आगे क्या
ACB ने 18 अगस्त 2026 को सभी 6 आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल पूरे मनी ट्रेल और अपराध से जुड़ी संपत्ति की जांच जारी है. पुलिस का कहना है कि इस घोटाले से सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान हुआ है.