6 Crore Testicles: सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज सही हो ऐसा जरूरी नहीं है. कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें कहा गया था कि एक लड़के ने अपने अंडकोष बेचकर आईफोन खरीदा था. ये बात कितनी सच है किसी को नहीं पता. हालांकि कहा जा रहा है कि ये कहानी झूठ थी लेकिन एक युवक इस कहानी से काफी प्रेरित हो गया और वो कर बैठा, जिसके बारे में सोच पाना भी मुश्किल है.
दरअसल, इंसानी अंडकोष (Testicles) की कीमत करोड़ों रुपये होने की सोशल मीडिया पर वायरल एक झूठी कहानी ने भोपाल में हत्या की साजिश का रूप ले लिया. पुलिस के मुताबिक, 20 वर्षीय एक BBA छात्र ने बताया कि वह एक रील से ‘प्रेरित’ हुआ था. इसके बाद उसने किशोर लड़कों को निशाना बनाने के लिए एक गैंग तैयार किया.
16 वर्षीय स्ट्रीट वेंडर की हत्या
दो असफल कोशिशों के बाद इस ग्रुप ने कथित तौर पर एक 16 वर्षीय स्ट्रीट वेंडर की हत्या कर दी. उसके शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया. हालांकि बाद में उन्हें पता चला कि जिस अंग को वे करोड़ों रुपये में बिकने वाला समझ रहे थे उसका कोई खरीदार ही नहीं था. बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट में कहा गया था कि उसके अंडकोष 6 करोड़ रुपये के बिके थे. बाद में उन्हें पता चला कि सोशल मीडिया पर फैली एक अफवाह है. इस झूठे दावे में कहा जाता है कि इंसानी अंडकोष की कीमत लाखों-करोड़ों रुपये होती है, खासकर खाड़ी देशों में.
साथियों को दिलाया विश्वास
पुलिस के मुताबिक, इस मामले का कथित मास्टरमाइंड जोहेब खान है. उसने खुद को मेडिकल छात्र बताया था और कथित तौर पर अपने चार साथियों के साथ मिलकर ये कांड करना शुरू किया था. उसने अपने साथियों को यह विश्वास दिलाया कि इंसानी अंडकोष 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक में बिक सकते हैं. इसके बाद उन लोगों ने 16 वर्षीय स्ट्रीट वेंडर की हत्या कर दी. कहा जा रहा है कि जिस समय किशोर की हत्या की गई, उस समय जोहेब वहां मौजूद नहीं था. आरोप लगाया जा रहा है कि उसने वीडियो कॉल के जरिए पूरे ग्रुप को निर्देश दिए.
क्या भोपाल में सक्रिय है अंडकोष चोर गैंग?
भोपाल का एक 17 वर्षीय किशोर 6 अगस्त को लापता हुआ। गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ।
पांच दिन बाद 11 अगस्त को छोटे तालाब में उसकी लाश मिली। कपड़ों और चप्पलों के आधार पर 14 अगस्त को परिजनों ने शव की पहचान कि।
पुलिस ने… pic.twitter.com/srEqu2YKjN
— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) August 17, 2026
कैसे बनाया शिकार?
पुलिस के अनुसार, उस ग्रुप ने सबसे पहले एक लड़के को 100 रुपये देने का लालच देकर लड़ाई में मदद करने के लिए बुलाने की कोशिश की. लड़के ने वहां जाने से इनकार कर दिया, तो उन्होंने एक दूसरे लड़के को निशाना बनाया. हालांकि, उस लड़के ने आरोपियों का मुकाबला किया और वहां से भाग गया. इसके बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया. इसके बाद आरोपियों ने तीसरी बार कोशिश की और फिर 16 वर्षीय किशोर को निशाना बनाया. उन लोगों ने उसकी हत्या कर दी. हालांकि बताया जा रहा है कि इंसानी अंडकोष बेचने वाला पोस्ट असली नहीं बल्कि एक अफवाह है.
कैसे गायब हुआ किशोर?
जानकारी के अनुसार, किशोर 6 अगस्त को लापता हो गया था, जिसके कारण गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. इसके पांच दिनों बाद 11 अगस्त को छोटे तालाब में उसकी लाश मिली. 14 अगस्त को चप्पल और कपड़ों से उसके परिजनों ने उसकी पहचान की. पुलिस ने 13 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. इसके बाद मामले की पूरी पोल खुली. कहा जा रहा है कि इससे पहले भी भोपाल में एक शव मिला था, जिसका अंडकोष नहीं था. पुलिस को शक है कि वो हत्या भी इसी गिरोह ने की थी.
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