Burhanpur Woman Demands Tricycle For Husband : मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया. यहां एक महिला अपने दिव्यांग पति को पीठ पर उठाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गई. महिला की मांग थी कि उसके पति को चलने-फिरने के लिए ट्राई साइकिल और सरकारी पेंशन की सुविधा दी जाए. कलेक्ट्रेट में जब लोगों ने महिला को अपने पति को पीठ पर उठाकर आते देखा, तो सभी हैरान रह गए. महिला ने कलेक्टर विवेक कुमार के सामने अपनी परेशानी बताई और मदद की गुहार लगाई.
9 साल से पति को पीठ पर उठाकर ले जा रही महिला
जानकारी के मुताबिक, बुरहानपुर की महाजन कॉलोनी निवासी बिंदूबाई के पति दयाशंकर करीब 9 साल पहले पैरालिसिस के शिकार हो गए थे. बीमारी के कारण उनकी हालत इतनी खराब हो गई कि इलाज के दौरान उनका एक पैर काटना पड़ा. इसके बाद से वे खुद चलने-फिरने में असमर्थ हैं. पति की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी बिंदूबाई पर है. वह पिछले कई सालों से अपने पति को पीठ पर उठाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाती हैं. लगातार ऐसा करने से उन्हें भी काफी शारीरिक परेशानी होती है. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और पति की मदद के लिए लगातार प्रयास करती रहीं.
महिला अपने दिव्यांग पति को कंधे पर लादकर बुरहानपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंची , डीएम जी उसकी 🤏 इत्तू सी मांग है कि पति को इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर मिल जाए। 📍मध्यप्रदेश https://t.co/FtKs9pjT4Z
— मटियामेट (@matiyamet_mp) October 31, 2026
ट्राई साइकिल और पेंशन के लिए लगाई गुहार
बिंदूबाई ने कलेक्टर विवेक कुमार को बताया कि उनके पति को अब तक ट्राई साइकिल और पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया है. पति को पीठ पर उठाकर ले जाना उनके लिए काफी मुश्किल हो गया है. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उनके पति को ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े. महिला ने यह भी बताया कि कई बार मदद मांगने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया. इसी उम्मीद में वह अपने पति को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं.
व्हीलचेयर मिलने के बाद ट्राई साइकिल का इंतजार
मिली जानकारी के अनुसार, करीब दो साल पहले नि:शक्त कल्याण एवं दिव्यांग विभाग की ओर से एक कार्यक्रम में दयाशंकर को व्हीलचेयर दी गई थी. अधिकारियों के मुताबिक, व्हीलचेयर की निर्धारित अवधि तीन साल होती है. नियमों के अनुसार, इसके एक साल बाद ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई जा सकती है.
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अधिकारियों ने दिया मदद का भरोसा
कलेक्ट्रेट में तत्काल ट्राई साइकिल की व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण बिंदूबाई को अपने पति को फिर से पीठ पर उठाकर वापस जाना पड़ा. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में पहुंच गया है और जल्द मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा. वहीं, महिला की पेंशन संबंधी मांग को भी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही गई है. अब देखना होगा कि करीब 9 साल से परेशानी झेल रहे इस दंपती को प्रशासन की ओर से कब राहत मिलती है.