Rajasthan News: डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन-कोटपूतली स्टेट हाईवे स्थित जिलिया टोल प्लाजा पर सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात एक विवाद सामने आया, जिसमें टोल मांगने को लेकर मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. जानकारी के अनुसार, देर रात एक महाराष्ट्र नंबर की कार टोल प्लाजा पर पहुंची. टोलकर्मियों ने नियमानुसार टोल की मांग की, जिस पर कार सवार व्यक्ति ने खुद को महाराष्ट्र पुलिस का अधिकारी बताते हुए टोल फ्री करने की बात कही.
टोलकर्मियों ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि संबंधित वाहन छूट के दायरे में नहीं आता और टोल देना होगा. बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई. इसके बाद कार सवार व्यक्ति ने कुचामन पुलिस थाने में सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दो टोलकर्मियों को हिरासत में लेकर थाने ले गई.
‘किसी तरह की अभद्रता नहीं की गई’
टोल संचालक नरेश सिंह का कहना है कि पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी में रिकॉर्ड है और टोलकर्मियों ने नियमों के तहत ही टोल की मांग की थी, किसी तरह की अभद्रता नहीं की गई.
वहीं जिलिया टोल के एपीएम राजेंद्र के अनुसार, पुलिस के राजकीय वाहनों को टोल में छूट दी जाती है, लेकिन संबंधित वाहन निजी था, इसलिए टोल मांगा गया. उनका आरोप है कि खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने बहस की और बाद में टोलकर्मियों पर आरोप लगाकर पुलिस बुला ली.
शांति भंग के आरोप में की गई कार्रवाई
कुचामन थाने के एएसआई जगदीश गुरु ने बताया कि पुलिस अधिकारी के साथ अभद्रता की सूचना मिलने पर वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने समझाइश का प्रयास किया, लेकिन मामला नहीं सुलझने पर दो टोलकर्मियों को थाने लाया गया और शांति भंग के आरोप में कार्रवाई की गई.
इस मामले में कुचामन एसडीएम विश्वामित्र मीणा ने बताया कि दिनेश बिजारणियां और महेश कुमार को पुलिस द्वारा पेश किया गया था. सुनवाई के बाद दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया.
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