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UP: बलिया में कोर्ट से घर लौटने की ख्वाहिश रह गई अधूरी, स्टेशन पर अचानक के गिरे ट्रेनी वकील की मौत

Ballia News: बलिया में ट्रेनी वकील प्रशांत की असामयिक मौत से उनके परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है. वह अपने पीछे अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों 8 वर्षीय जिया और 3 वर्षीय जग्या को छोड़ गए हैं. एक युवा पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

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Last Updated: April 28, 2026 22:27:16 IST

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UP News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिला न्यायालय से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. यहां कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस कर रहे एक लर्निंग अधिवक्ता की रेलवे स्टेशन पर अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हो गई. इस घटना के बाद अधिवक्ताओं के बीच शोक की लहर दौड़ गई है. मामले में क्रिमिनल एंड रिवेन्यू बार एसोसिएशन सने रेलवे पुलिस पर समय से इलाज न मुहैया कराने का गंभीर आरोप लगाया है.

मिली जानकारी के अनुसार मृतक प्रशांत कुमार (लर्निंग अधिवक्ता) न्यायालय में अपना काम निपटाकर अपने घर सुरेमनपुर जाने के लिए बलिया रेलवे स्टेशन पहुंचे थे. वे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे तभी अचानक वे अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े.

डॉक्टरों ने घोषित कर दिया मृत

घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिवक्ता और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची. प्रशांत को बचाने का पूरा प्रयास किया गया और आनन फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया. जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

प्रशांत की असामयिक मौत से उनके परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है. वह अपने पीछे अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों ‘8 वर्षीय जिया और 3 वर्षीय जग्या को छोड़ गए हैं. एक युवा पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

रेलवे पुलिस पर लापरवाही का आरोप

घटना के बाद क्रिमिनल एंड रिवेन्यू बार एसोसिएशन के महासचिव भूपेंद्र ने रेलवे पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि रेलवे पुलिस की लापरवाही के कारण प्रशांत को समय से इलाज नहीं मिल सका जिसके चलते उनकी जान चली गई है.

वरिष्ठ अधिवक्ता गिरजा शंकर सिंह ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए बताया कि प्रशांत काफी होनहार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे. उन्होंने कहा प्रशांत लर्निंग अधिवक्ता थे और इस साल उनका फाइनल वर्ष था. वह वकालत की बारीकियां सीखने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन में लगातार प्रैक्टिस के लिए कोर्ट आते थे. आज भी वे न्यायालय आए थे उनका किसी से कोई विवाद नहीं था उनकी मौत से पूरे बार एसोसिएशन में गहरा सदमा है.

अधिवक्ताओं के बीच आक्रोश और शोक का माहौल

जिला अस्पताल में मौत की पुष्टि होने के बाद से ही अधिवक्ताओं के बीच आक्रोश और शोक का माहौल व्याप्त है. फिलहाल इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और रेलवे सुरक्षा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. वही पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस की माने तो पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल पाएगा.

Disclaimer: The article is a part of syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for factual accuracy.

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UP News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिला न्यायालय से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. यहां कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस कर रहे एक लर्निंग अधिवक्ता की रेलवे स्टेशन पर अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हो गई. इस घटना के बाद अधिवक्ताओं के बीच शोक की लहर दौड़ गई है. मामले में क्रिमिनल एंड रिवेन्यू बार एसोसिएशन सने रेलवे पुलिस पर समय से इलाज न मुहैया कराने का गंभीर आरोप लगाया है.

मिली जानकारी के अनुसार मृतक प्रशांत कुमार (लर्निंग अधिवक्ता) न्यायालय में अपना काम निपटाकर अपने घर सुरेमनपुर जाने के लिए बलिया रेलवे स्टेशन पहुंचे थे. वे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे तभी अचानक वे अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े.

डॉक्टरों ने घोषित कर दिया मृत

घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिवक्ता और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची. प्रशांत को बचाने का पूरा प्रयास किया गया और आनन फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया. जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

प्रशांत की असामयिक मौत से उनके परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है. वह अपने पीछे अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों ‘8 वर्षीय जिया और 3 वर्षीय जग्या को छोड़ गए हैं. एक युवा पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

रेलवे पुलिस पर लापरवाही का आरोप

घटना के बाद क्रिमिनल एंड रिवेन्यू बार एसोसिएशन के महासचिव भूपेंद्र ने रेलवे पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि रेलवे पुलिस की लापरवाही के कारण प्रशांत को समय से इलाज नहीं मिल सका जिसके चलते उनकी जान चली गई है.

वरिष्ठ अधिवक्ता गिरजा शंकर सिंह ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए बताया कि प्रशांत काफी होनहार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे. उन्होंने कहा प्रशांत लर्निंग अधिवक्ता थे और इस साल उनका फाइनल वर्ष था. वह वकालत की बारीकियां सीखने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन में लगातार प्रैक्टिस के लिए कोर्ट आते थे. आज भी वे न्यायालय आए थे उनका किसी से कोई विवाद नहीं था उनकी मौत से पूरे बार एसोसिएशन में गहरा सदमा है.

अधिवक्ताओं के बीच आक्रोश और शोक का माहौल

जिला अस्पताल में मौत की पुष्टि होने के बाद से ही अधिवक्ताओं के बीच आक्रोश और शोक का माहौल व्याप्त है. फिलहाल इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और रेलवे सुरक्षा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. वही पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस की माने तो पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल पाएगा.

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