Basti Sub Inspector Marriage Controversy: उत्तर प्रदेश के बस्ती में एक बड़ा सा टेंट लगाया गया था, और शादी का मंडप बहुत ही खूबसूरती से सजाया गया था. बारात निकलने का समय बस कुछ ही घंटे दूर था. पूरा परिवार शादी की तैयारियों में डूबा हुआ था. परिवार एक सब-इंस्पेक्टर एक पुलिस अधिकारी दरोगा को अपने घर में दामाद के रूप में स्वागत करने की तैयारी कर रहा था.
हालांकि, कहानी में एक अप्रत्याशित मोड़ आ गया. शादी की रस्में उसी मंडप में हुईं, लेकिन दरोगा के साथ नहीं; इसके बजाय, दुल्हन ने एक प्रॉपर्टी डीलर के साथ शादी की कसमें खाईं. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें की आखिर यह पूरा माजरा है क्या.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, बस्ती कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक युवती के साथ सब-इंस्पेक्टर जॉन मेजर की शादी 20 अप्रैल के लिए तय हुई थी. दोनों परिवारों ने सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली थीं. निमंत्रण पत्र बांटे जा चुके थे, रिश्तेदार आ चुके थे, मेहंदी और हल्दी की रस्में चल रही थीं, और शादी का स्थान पूरी तरह से सजा-धजा और तैयार था.
हालांकि, उस सुबह लगभग 11:30 बजे, अचानक एक युवक दरोगा के घर पहुंचा. वह सर्वेश सिंह था, मेहदावल पुलिस थाना क्षेत्र के बड़ी पट्टी में रहने वाला एक प्रॉपर्टी डीलर. सर्वेश ने जॉन मेजर के परिवार को बताया कि पिछले पांच सालों से दुल्हन के साथ प्रेम-संबंध चल रहा था. इसके अलावा, उसने एक कड़ी चेतावनी भी दी कि अगर आप बारात लेकर आगे बढ़े, तो मैं इस रिश्ते की सच्चाई सबके सामने उजागर कर दूंगा.
दरोगा के पिता ने युवती के परिवार को क्या फोन
पूरी बात सुनने के बाद, दरोगा के पिता, धर्मराज चौधरी (उत्तराखंड के एक सरकारी इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रिंसिपल), ने तुरंत उस युवती के परिवार को फोन किया. परिवार की इज़्ज़त और प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए, उन्होंने घोषणा की कि सगाई तोड़ी जा रही है. जॉन मेजर इस समय लखनऊ में तैनात हैं, जबकि उनका परिवार डुबौलिया पुलिस थाना क्षेत्र में रहता है.
प्रेमी ने परिवार को शादी के लिए राज़ी कर लिया
जैसे ही सगाई टूटी, दुल्हन के घर पर अफरा-तफरी मच गई. सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, मेहमान आ चुके थे, और शादी का मंडप खूबसूरती से सजा हुआ खड़ा था. ठीक उसी पल, वह प्रेमी सर्वेश सिंह अपनी प्रेमिका के घर पहुंच गया. उसने उसके परिवार को पूरी स्थिति समझाई और उन्हें शादी के लिए राज़ी करने में सफल रहा. नतीजतन, ठीक उसी रात, सर्वेश खुद दूल्हा बनकर बारात लेकर आया, और ठीक उसी मंडप में अपनी प्रेमिका के साथ शादी के सात फेरे लिए.
सब-इंस्पेक्टर के पिता, धर्मराज चौधरी ने कहा कि हमें लड़की के प्रेम-संबंध के बारे में ठीक सही समय पर जानकारी मिल गई. वरना, मेरे बेटे की ज़िंदगी बर्बाद हो जाती. जब सर्वेश घर आया, तो हमने 112 पर कॉल किया था, लेकिन हम कोई औपचारिक केस दर्ज नहीं करवाना चाहते थे. हमने बस सगाई तोड़ दी.