Meerut School Bus Accident: उत्तर प्रदेश के मेरठ में बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह बच्चों से भरी एक निजी स्कूल बस हादसे का शिकार हो गई. चिंदौड़ी गांव के पास बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और करीब 6 फीट गहरे खेत में जा गिरी. इस हादसे में 15 से ज्यादा बच्चे घायल हो गए. इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. सभी घायल बच्चों को मेरठ के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बच्चों के परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर परेशान हो गए.
सुबह 7:30 बजे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे रहटा ब्लॉक में चिंदौड़ी गांव के पास हुआ. बस में कई बच्चे सवार थे और वह सड़क से उतरकर सीधे खेत में जा गिरी. हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकालने में मदद की. बस के खेत में गिरने की खबर मिलते ही बच्चों के परिवार वाले भी मौके पर पहुंचने लगे. घायल बच्चों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई.
स्टेयरिंग फेल होने से हुआ हादसा?
भाजपा नेता प्रदीप ढड़रा के मुताबिक, स्कूल बस एक गांव से बच्चों को लेने के बाद दूसरे गांव जा रही थी. इसी दौरान चिंदौड़ी गांव के पास बस का स्टेयरिंग अचानक फेल हो गया. चालक बस को नियंत्रित नहीं कर पाया, जिसके बाद बस सड़क से नीचे उतरकर खेत में जा गिरी. हालांकि, स्टेयरिंग फेल होने की बात शुरुआती जानकारी के आधार पर सामने आई है. हादसे की असली वजह की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
15 से ज्यादा बच्चे घायल
इस हादसे में 15 से ज्यादा बच्चों को चोटें आई हैं. इनमें कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. सभी घायलों को मेरठ के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. हादसे की जानकारी मिलने के बाद सीओ सरधना आशुतोष कुमार भी अस्पताल पहुंचे और घायल बच्चों का हाल जाना. वहीं, बच्चों के परिजन अस्पतालों में पहुंचकर उनकी स्थिति की जानकारी लेते रहे.
ये भी पढ़ें: Greater Noida PNB Fraud: किसी की जिंदगीभर की कमाई, किसी की FD पर हाथ साफ! PNB में 35 करोड़ का घोटाला
स्कूल बसों की सुरक्षा पर उठे सवाल
मेरठ में हुए इस हादसे के बाद स्कूल बसों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. अगर शुरुआती जानकारी के मुताबिक स्टेयरिंग में खराबी के कारण हादसा हुआ है, तो यह वाहनों की नियमित जांच की जरूरत को दिखाता है. स्कूल बसों में रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे सफर करते हैं. ऐसे में बसों की तकनीकी जांच, फिटनेस प्रमाणपत्र और सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है. फिलहाल, सभी की नजर घायल बच्चों की हालत और हादसे की जांच पर है.